Android Antivirus : Android फोन में Antivirus कितना जरूरी? यहां जानिए सबकुछ

Android Antivirus : तकनीक बढ़ने के साथ साइबर फ्रॉड, फिशिंग और खतरनाक ऐप्स का खतरा भी बढ़ा है। इसी वजह से लोगों के मन में सवाल रहता है कि Android फोन में अलग से Antivirus ऐप रखना जरूरी है या नहीं।

Android Antivirus : Android फोन में Antivirus कितना जरूरी? यहां जानिए सबकुछ

Android Antivirus : स्मार्टफोन ने रोजमर्रा के कई काम आसान कर दिए हैं। आज लोग बैंकिंग, खरीदारी, टिकट बुकिंग और जरूरी दस्तावेजों को भी फोन से संभालते हैं। फोटो, वीडियो और निजी जानकारी भी स्मार्टफोन में सेव रहती है। ऐसे में फोन की सुरक्षा बेहद जरूरी हो जाती है। दूसरी ओर तकनीक बढ़ने के साथ साइबर फ्रॉड, फिशिंग और खतरनाक ऐप्स का खतरा भी बढ़ा है। इसी वजह से कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि Android फोन में अलग से Antivirus ऐप रखना जरूरी है या नहीं।

Android में पहले से मौजूद है सुरक्षा व्यवस्था

ज्यादातर आधुनिक Android फोन में कई सुरक्षा फीचर्स पहले से दिए जाते हैं। Google Play Protect ऐप्स को स्कैन करता है और संदिग्ध या खतरनाक ऐप्स की पहचान करने में मदद करता है। यह सुविधा Google Play Store से डाउनलोड किए गए ऐप्स के साथ फोन में मौजूद अन्य ऐप्स को भी जांच सकती है। इसके अलावा Android में ऐप परमिशन, सिक्योरिटी अपडेट और दूसरे सुरक्षा फीचर्स मौजूद होते हैं। इसलिए सामान्य उपयोग करने वाले व्यक्ति को केवल सुरक्षा के लिए अलग Antivirus ऐप की जरूरत आमतौर पर नहीं पड़ती।

हर यूजर के लिए Antivirus जरूरी नहीं

अगर कोई व्यक्ति केवल भरोसेमंद स्रोत से ऐप डाउनलोड करता है और फोन को नियमित रूप से अपडेट रखता है, तो अतिरिक्त Antivirus ऐप की जरूरत कम हो जाती है। खासतौर पर Google Play Store से ऐप डाउनलोड करने और संदिग्ध वेबसाइटों से दूरी रखने पर जोखिम काफी कम किया जा सकता है। ऐसे यूजर के लिए महंगा Antivirus सब्सक्रिप्शन लेना हमेशा जरूरी नहीं है। फोन में मौजूद सुरक्षा फीचर्स का सही इस्तेमाल करना कई मामलों में पर्याप्त हो सकता है।

कुछ लोगों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपयोगी

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि Antivirus ऐप पूरी तरह बेकार हैं। जो लोग इंटरनेट से APK फाइल डाउनलोड करते हैं, अनजान वेबसाइटों पर जाते हैं या बार-बार थर्ड-पार्टी ऐप स्टोर का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपयोगी हो सकती है। कुछ सिक्योरिटी ऐप्स संदिग्ध वेबसाइट, फिशिंग लिंक और खतरनाक फाइल को पहचानने में मदद करते हैं। कुछ ऐप संभावित स्कैम या संदिग्ध गतिविधि को लेकर अलर्ट भी देते हैं। ऐसे मामलों में Antivirus सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत के रूप में काम कर सकता है।

Antivirus से ज्यादा जरूरी है आपकी सावधानी

फोन को सुरक्षित रखने के लिए केवल Antivirus पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है। अनजान लिंक पर क्लिक करना, संदिग्ध APK इंस्टॉल करना और किसी ऐप को जरूरत से ज्यादा परमिशन देना ज्यादा बड़ा जोखिम बन सकता है। पुराने सिक्योरिटी अपडेट के साथ फोन चलाने से भी खतरा बढ़ सकता है।

WhatsApp और SMS के फर्जी लिंक से रहें सावधान

साइबर ठगी करने वाले लोग अक्सर WhatsApp, SMS और सोशल मीडिया के जरिए फर्जी लिंक भेजते हैं। इन लिंक के जरिए यूजर को नकली वेबसाइट या खतरनाक ऐप तक पहुंचाया जा सकता है। कई बार संदेश में इनाम, बैंक अकाउंट, नौकरी, डिलीवरी या किसी जरूरी दस्तावेज का बहाना बनाया जाता है। 

पैसे खर्च करने से पहले इन बातों पर दें ध्यान

अगर आप ऐप केवल Google Play Store से डाउनलोड करते हैं, Android और ऐप्स को समय पर अपडेट करते हैं और संदिग्ध लिंक व फाइलों से बचते हैं, तो महंगा Antivirus सब्सक्रिप्शन खरीदना हर मामले में जरूरी नहीं है। सबसे पहले फोन में Play Protect सक्रिय रखें। इसके साथ Android का सिक्योरिटी अपडेट समय पर इंस्टॉल करें। मजबूत स्क्रीन लॉक का इस्तेमाल करें और अनजान स्रोतों से ऐप इंस्टॉल करने से बचें। इन छोटी सावधानियों से फोन की सुरक्षा काफी बेहतर की जा सकती है।