DoT SIM Limit 2026 : अब अपने नाम पर 9 से ज्यादा सिम नहीं रख पाएंगे, लिमिट तय; ऐसे होगी जांच
DoT SIM Limit 2026 : ग्राहक डेटा के आधार पर DIP यह पता लगाएगा कि अलग-अलग कंपनियों और सर्विस एरिया में एक ही व्यक्ति के नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन हैं।
DoT SIM Limit 2026 : अगर आपके नाम पर कई मोबाइल नंबर चल रहे हैं, तो DoT के नए निर्देश आपके लिए जरूरी हैं। विभाग ने तय सीमा से ज्यादा SIM रखने वालों की पहचान और जांच के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है।
एक व्यक्ति कितने मोबाइल कनेक्शन रख सकता है?
दूरसंचार विभाग यानी DoT के 7 दिसंबर 2021 के निर्देशों के अनुसार, एक व्यक्ति पूरे देश में अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों और सर्विस एरिया में अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन अपने नाम पर रख सकता है।
हालांकि जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट लाइसेंस्ड सर्विस एरिया में यह सीमा 6 मोबाइल कनेक्शन है। अगर किसी व्यक्ति के नाम पर इससे ज्यादा नंबर हैं, तो अतिरिक्त कनेक्शन बंद कराने होंगे। ऐसा नहीं करने पर बाद में लिए गए नंबर बंद किए जा सकते हैं।
अलग-अलग कंपनियों के नंबर भी एक साथ गिने जाएंगे
अब अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों में चल रहे मोबाइल नंबरों को एक साथ पहचानने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए DoT के Digital Intelligence Platform यानी DIP का इस्तेमाल होगा।
टेलीकॉम कंपनियों की ओर से अपलोड किए गए ग्राहक डेटा के आधार पर DIP यह पता लगाएगा कि अलग-अलग कंपनियों और सर्विस एरिया में एक ही व्यक्ति के नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन हैं। इसके बाद इन नंबरों को संबंधित ग्राहक के नाम से ग्रुप किया जाएगा और इसकी जानकारी टेलीकॉम कंपनियों को दी जाएगी।
फोटो से होगी ग्राहक की पहचान
DoT के 17 अगस्त 2026 के सर्कुलर के अनुसार, 23 अगस्त 2026 से उन ग्राहकों की प्रतिनिधि फोटो DIP पर उपलब्ध कराई जाएगी, जो अपने नाम पर मोबाइल कनेक्शन की तय सीमा तक पहुंच चुके हैं।
टेलीकॉम कंपनियों को इन तस्वीरों को रोजाना डाउनलोड करना होगा। इसका मकसद यह पता लगाना है कि सीमा तक पहुंच चुका व्यक्ति दोबारा किसी नए मोबाइल कनेक्शन के लिए आवेदन तो नहीं कर रहा है।
24 अगस्त से कंपनियों को करना होगा एक्शन
24 अगस्त 2026 से टेलीकॉम कंपनियों को तकनीकी और संगठनात्मक उपायों के जरिए ऐसे ग्राहकों की पहचान करनी होगी, जो तय सीमा से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन लेने की कोशिश कर रहे हैं।
पहचान होने पर ग्राहक को बताया जाएगा कि उसके नाम पर पहले से अधिकतम अनुमत कनेक्शन मौजूद हैं। इसलिए उसे नया मोबाइल कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। शुरुआत में यह जांच अगले दिन यानी D+1 आधार पर की जा सकती है।
30 नवंबर तक रियल टाइम व्यवस्था लागू करनी होगी
DoT ने इस व्यवस्था को आगे चलकर मोबाइल कनेक्शन लेने और एक्टिवेट करने की प्रक्रिया में रियल टाइम लागू करने की समयसीमा भी तय की है। टेलीकॉम कंपनियों को 30 नवंबर 2026 तक यह व्यवस्था लागू करनी होगी। इसका मतलब है कि भविष्य में नया SIM लेते समय सिस्टम उसी समय यह जांच कर सकेगा कि ग्राहक के नाम पर पहले से कितने मोबाइल कनेक्शन मौजूद हैं।
सीमा से ज्यादा नंबर पर हो सकता है सस्पेंशन
जब तक टेलीकॉम कंपनियां पूरी व्यवस्था लागू नहीं कर लेतीं, तब तक तय सीमा से ज्यादा एक्टिवेट होने वाला मोबाइल कनेक्शन तुरंत सस्पेंड किया जा सकता है। इसके बाद ग्राहक को अपने नाम पर मौजूद अतिरिक्त कनेक्शनों से जुड़ी समस्या का समाधान करना होगा। DoT की इस व्यवस्था का उद्देश्य मोबाइल कनेक्शनों की संख्या को तय सीमा में रखना और एक व्यक्ति के नाम पर जरूरत से ज्यादा SIM के इस्तेमाल को रोकना है।
नए नियम का आम ग्राहकों पर क्या असर होगा?
अगर आपके नाम पर अलग-अलग कंपनियों के SIM हैं, तो आपको अपने सभी सक्रिय मोबाइल नंबरों की जानकारी रखना जरूरी है। देश के ज्यादातर हिस्सों में सीमा 9 कनेक्शन है, जबकि जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट लाइसेंस्ड सर्विस एरिया में सीमा 6 है।
इसलिए पुराने या इस्तेमाल नहीं किए जा रहे नंबरों की जानकारी भी रखना जरूरी होगा। तय सीमा पार होने पर नया SIM लेने में परेशानी आ सकती है और अतिरिक्त कनेक्शन पर कार्रवाई हो सकती है।
Deekshamehra 
