Indore में कन्याभोज में बच्चियों को पीटने का मामला : टीचर पर FIR दर्ज, शिक्षिका बोलीं - बच्चियों ने उठाए थे पैसे

Indore Kanya Bhoj Girls Hostage : टीचर अनिता मोहता ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है मंदिर में रखे रुपए गायब मिले तो उन्होंने बच्चियों से पूछताछ की।

Indore में कन्याभोज में बच्चियों को पीटने का मामला : टीचर पर FIR दर्ज, शिक्षिका बोलीं - बच्चियों ने उठाए थे पैसे

Indore Kanya Bhoj Girls Hostage : मध्य प्रदेश। इंदौर में कन्या भोज के लिए गईं सात बच्चियों को फ्लैट में बंधक बनाने और उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। मामला शहनाई रेसीडेंसी का है। बच्चियों के परिजन की शिकायत पर एमआईजी पुलिस ने 62 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षिका अनिता मोहता के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

परिजनों ने लगाया मारपीट का आरोप 

परिजनों का कहना है कि कन्या भोज, गिफ्ट और चॉकलेट देने के बहाने बच्चियों को फ्लैट में ले जाया गया। वहां उनके साथ मारपीट की गई और करीब चार घंटे तक बाहर नहीं आने दिया गया। बच्चियां देर तक घर नहीं लौटीं तो परिवार के लोग उन्हें तलाशते हुए सोसाइटी पहुंचे। आरोप है कि बच्चियां फ्लैट से रोते हुए नीचे आईं। परिजनों ने यह भी कहा कि बच्चियों से जबरदस्ती वीडियो बनवाकर रुपए लेने की बात कहलवाई गई। उन्होंने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

टीचर ने आरोपों को बताया गलत 

टीचर अनिता मोहता ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि बच्चियां खुद उनके फ्लैट पर आई थीं और प्रसाद-खाना मांगा। उन्होंने उन्हें अंदर बैठाया। बाद में मंदिर में रखे रुपए गायब मिले तो उन्होंने बच्चियों से पूछताछ की। शिक्षिका का दावा है कि बच्चियां चार घंटे तक उनके यहां नहीं रुकीं और उन्होंने किसी के साथ मारपीट नहीं की। वे खुद उन्हें नीचे छोड़ने गई थीं। 

चार घंटे तक बच्चियां नहीं लौटी घर 

रहवासियों के अनुसार बच्चियां दोपहर करीब 12 बजे सोसाइटी पहुंची थीं। वे अलग-अलग फ्लैट में कन्या पूजन के लिए गईं। परिजनों के मुताबिक करीब चार घंटे तक बच्चियां घर नहीं लौटीं। इसके बाद परिवार वाले शहनाई रेसीडेंसी पहुंचे। देर रात करीब तीन बजे बच्चियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया।

मेडिकल रिपोर्ट में चोट की पुष्टि नहीं

जानकारी के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट से लगी किसी चोट की पुष्टि नहीं हुई है। सीसीटीवी फुटेज को लेकर स्थिति साफ नहीं है। संबंधित फ्लैट और फ्लोर पर कैमरे न होने की बात कही जा रही है, जबकि परिजनों का दावा है कि वहां कैमरे लगे हैं। पुलिस बच्चियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।