Navratri Jhaki 2026 : मऊगंज में पहली बार सजी चैतन्य नौ देवियों की अलौकिक झांकी : आध्यात्म से सराबोर हुआ नगर

Navratri Jhaki 2026 : इस पावन अवसर पर उपस्थिति अतिथियों ने चैतन्य देवियों के दर्शन कर इस अनूठी आध्यात्मिक पहल की सराहना की और कहा कि यह आयोजन मऊगंज में आध्यात्मिक चेतना की नई ज्योति प्रज्वलित करेगा।

Navratri Jhaki 2026 : मऊगंज में पहली बार सजी चैतन्य नौ देवियों की अलौकिक झांकी : आध्यात्म से सराबोर हुआ नगर

राजेंद्र पयासी @ मऊगंज

शारदीय नवरात्रि की पावन वेला पर मऊगंज जिले ने पहली बार एक अलौकिक और दिव्य दृश्य का साक्षात्कार किया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, मऊगंज के तत्वावधान में प्रेम, शांति, सद्भावना, पारिवारिक एकता एवं नशामुक्त समाज के दिव्य संदेश के साथ चैतन्य नौ देवियों की सजीव झांकी का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन मऊगंज के इतिहास में गौरव और सौभाग्य का स्वर्णिम अध्याय बन गया।

गौरव के इस क्षण में नौ देवियों के तेजस्वी, करुणामयी एवं जीवंत स्वरूपों ने उपस्थित जनसमूह को आत्मिक शांति और दिव्य अनुभूति से भर दिया। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसी चैतन्य झांकी का दर्शन पहली बार हुआ है। यह आयोजन केवल देवी-दर्शन तक सीमित नहीं था, बल्कि सोई हुई चेतना को जागृत करने और आत्म-परिवर्तन का सशक्त आह्वान था।

इस पावन अवसर पर उपस्थिति अतिथियों ने चैतन्य देवियों के दर्शन कर इस अनूठी आध्यात्मिक पहल की सराहना की और कहा कि यह आयोजन मऊगंज में आध्यात्मिक चेतना की नई ज्योति प्रज्वलित करेगा।

मिट्टी से मन तक का दिव्य संदेश :

आयोजकों ने बताया कि नवरात्रि में हम माँ दुर्गा और नौ देवियों की मिट्टी की प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना करते हैं। ब्रह्माकुमारीज द्वारा प्रस्तुत चैतन्य झांकी का विशेष उद्देश्य केवल दर्शन कराना नहीं, बल्कि देवियों में समाहित आध्यात्मिक शक्तियों को समझकर उन्हें अपने जीवन में धारण करने की प्रेरणा देना है।

ब्रह्माकुमारीज की मान्यता अनुसार परमपिता परमात्मा शिव निराकार ज्योति स्वरूप हैं, जो राजयोग के माध्यम से आत्माओं को पवित्रता, शांति, प्रेम और शक्ति से संपन्न बनाते हैं। नौ देवियों का आध्यात्मिक मर्म बताते हुए कहा गया कि माँ वैष्णो पवित्रता, मीनाक्षी दिव्य दृष्टि, संतोषी संतोष, ज्ञान गंगा ईश्वरीय ज्ञान, काली विकारों पर विजय, दुर्गा निर्भयता और नारी शक्ति, लक्ष्मी श्रेष्ठ संस्कार, सरस्वती ज्ञान-विवेक और गायत्री सद्बुद्धि का प्रतीक हैं।

झांकी ने समाज को एक स्वर में संदेश दिया - परिवार में प्रेम और सम्मान बनाए रखें, क्रोध के स्थान पर शांति अपनाएं, नशे से दूर रहें, नारी शक्ति का सम्मान करें और विश्व बंधुत्व की भावना को मजबूत करें। सच्चा नवरात्रि वही है, जब देवी के गुण हमारे कर्म में उतरें।