मऊगंज में नशे का अंधकार : 16 लाइसेंसी ठेकों के साए में सैकड़ो अवैध अड्डे, आबकारी तंत्र पर गंभीर सवाल
Mauganj Illegal Liquor : आंकड़ों की कार्यवाही, जमीन पर जीरो असर, मऊगंज में पखवाड़ा फॉर्मेलिटी बनकर रह गया आबकारी अभियान
राजेंद्र पयासी @ मऊगंज
प्रदेश सरकार ने अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग का गठन कर नियमित निरीक्षण और कठोर कार्यवाही के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, लेकिन मऊगंज जिले में जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। यहाँ शहर से लेकर सुदूर गांव तक अवैध शराब का काला कारोबार दिन-दूना रात-चौगुना फल-फूल रहा है और जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पूरी तरह कठघरे में है।
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो जिला अस्तित्व में आने के बाद भी मऊगंज वृत्त का आबकारी अमला आज भी रीवा से ही संचालित हो रहा है। वृत्त में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी रीवा में निवास करते हैं और माह-पखवाड़े में एक-दो बार मऊगंज आकर महुआ लहान नष्ट करने या अवैध कारोबारियों से 15-20 पाव शराब जब्ती की औपचारिकता कर सोशल मीडिया में सुर्खियां बटोर कर लौट जाते हैं।

हर गांव में सजी अवैध दुकान, नशे की चपेट में भविष्य
जिला मुख्यालय मऊगंज से लेकर देवतालाब, हनुमना और नईगढ़ी तक शाम ढलते ही अवैध शराब की दुकानें सज जाती हैं। जिले में चार समूह में कुल शासकीय ठेके की 16 दुकानें संचालित हैं, पर हकीकत यह है कि शायद ही कोई ऐसा गांव हो जहाँ अवैध शराब की बिक्री न होती हो। किराना दुकानों, ढाबों और टपरों तक में हाथ-भट्टी महुआ और ब्रांडेड अंग्रेजी शराब परोसी जा रही है। कई स्थानों पर तो विद्यालयों के सामने ही अवैध दुकानें संचालित हो रही हैं।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि सस्ती और सहज उपलब्धता के कारण स्कूली उम्र के किशोर भी नशे की लत के शिकार हो रहे हैं। नशे के कारण क्षेत्र में मारपीट, चोरी और अराजकता जैसी घटनाओं में इजाफा हुआ है।
जनता ने कहा चल रहा आंकड़ों का खेल
क्षेत्र के स्थानीय लोगों का आरोप है कि आबकारी विभाग एवं स्थानीय पुलिस द्वारा कार्यवाही के नाम पर हर थाना क्षेत्र से 10-15 पैकारों को चिन्हित कर 15 से 25 पाव शराब की जब्ती दिखाकर आंकड़ों की बाजीगरी की जाती है। सामूहिक प्रकरण बनाने के बाद पुलिस और आबकारी विभाग आरोपियों के नाम तक उजागर नहीं करता, जिससे जुर्माना भरने के बाद कारोबारी फिर से उसी धंधे में लिप्त हो जाता है क्योंकि नाम ना उजागर होने के कारण सामाजिक एवं कानूनी भय भी ऐसे कारोबारी को नहीं होता।

क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक मऊगंज एवं आबकारी आयुक्त से मांग की है कि मऊगंज वृत्त का मुख्यालय तत्काल मऊगंज स्थानांतरित किया जाए, पर्याप्त कर्मचारी की नियुक्ति की जाय, अधिकारियों की जिले में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो और अवैध कारोबार पर ऐसी कठोर वैधानिक कार्यवाही हो कि कारोबारी दोबारा इस धंधे में कदम रखने से हजार बार सोचे।
इनका कहना है
हाल ही में बीते माह मै यहां बतौर प्रभारी ज्वाइन किया हूं, अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए निरंतर कार्यवाही की जा रही है, कर्मचारियों की कमी है, मात्र तीन कर्मचारियों की पदस्थापना है जिसके कारण समस्या होती है। अवैध शराब कारोबारियों के मुखबिर तंत्र इतने मजबूत है कि छापामार कार्यवाही से पहले ही वह सतर्क हो जाते हैं जिसके कारण बड़ी कार्यवाही नहीं हो पाती, फिर भी अवैध कारोबार के विरुद्ध अनवरत कार्यवाही की जा रही है,भविष्य में भी कार्यवाही जारी रहेगी।
अखिलेश्वर सिंह ठाकुर, सहायक जिला आबकारी अधिकारी

