CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास हिरासत में, जंतर-मंतर पर लहरा रहे थे तिरंगा
CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास हिरासत में जंतर-मंतर पर लहरा रहे थे तिरंगा सरकार ने यहां पर प्रदर्शन किया है बैन
दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। दोनों CJP समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पर पहुंचे और नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने सभी को पकड़ा। जंतर-मंतर पर अब प्रदर्शन नहीं हो सकते। केंद्र सरकार ने 12 अक्टूबर को इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया था।
CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर और SIR के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था। इस दौरान दिल्ली पहुंचे CJP नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को फ्लाइट से हिरासत में लिया गया था। उन्हें 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया गया था।
CJP नेताओं को हिरासत में लेने की तस्वीरें
पुलिस ने जंतर-मंतर के पास बैरिकेडिंग कर रखी है, सभी गेट्स बंद हैं। प्रदर्शनकारी गेट के ऊपर से चढ़कर वहीं पहुंचे।
जंतर-मंतर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने हाथ में तिरंगा लहराते हुए नारेबाजी की।

पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में पुलिसबल की तैनाती की गई।
11 अक्टूबर को CJP नेताओं ने पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी
CJP के नेता 12 अक्टूबर को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने को कहा था। पार्टी ने 24 घंटे के भीतर जवाब देने की मांग की थी।
सौरव दास ने कहा था कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना हर नागरिक का हक है और पुलिस को इसमें रोक-टोक नहीं करनी चाहिए। वहीं, आशुतोष रांका ने कहा था कि अगर 24 घंटे में जवाब नहीं मिला तो पार्टी आगे के आंदोलन की तारीख का ऐलान करेगी।
इसके थोड़ी देर बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया। गृह मंत्रालय की बनाई कमेटी की सिफारिश पर दिल्ली का रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड प्रदर्शन स्थल बनाए गए।
2 दिन पहले ही 50 हजार के मुचलके पर छूटे थे
सौरव दास व आशुतोष रांका को CJP फाउंडर अभिजीत दीपके के साथ 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही पुलिस ने हिरासत में लिया था। तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया
इसके बाद उन्हें 50-50 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया। रिहाई की शर्त के मुताबिक, तीनों को एक साल तक शांति बनाए रखनी होगी और ऐसा कोई काम नहीं करना होगा, जिससे शांति भंग हो।

