स्वच्छता के दावे निकले खोखले : मुख्य मार्ग चमकाया, अंदर गंदगी का लगा अंबार

कागजों में हो रहा कीटनाशक दवा का छिड़काव, अष्टभुजा धाम में भी दिखावे का श्रृंगार, जनता में बढ़ा आक्रोश

स्वच्छता के दावे निकले खोखले : मुख्य मार्ग चमकाया, अंदर गंदगी का लगा अंबार

राजेंद्र पयासी @ मऊगंज

स्वच्छ भारत मिशन के बड़े-बड़े दावे नगर परिषद नईगढ़ी में आकर हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। निकाय की घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली के चलते पूरा कस्बा गंदगी के आगोश में समा गया है। जनता दुर्गंध और बीमारियों के बीच नारकीय जीवन जीने को विवश है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मुख्य चौराहों और बस स्टैंड की सड़क पर औपचारिक सफाई करवाकर वाहवाही लूटने में लगे हैं। नवरात्रि पर्व सिर पर होने के बावजूद नगर की दुर्दशा जस की तस बनी हुई है।

मुख्य मार्ग पर दिखावा, अंदरूनी वार्ड नरक में तब्दील

निकाय की कार्यप्रणाली का दोहरा चरित्र साफ दिखाई देता है। चौराहा और बस स्टैंड की मुख्य सड़क पर सुबह-सुबह झाड़ू लगवाकर फोटो सेशन कर लिया जाता है, लेकिन जैसे ही घनी आबादी वाले वार्ड क्रमांक 9, 10, 11, 13, 14 और 15 में प्रवेश करते हैं, तो स्वच्छता के दावों की पोल खुल जाती है। 

इन वार्डों में महीनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। नालियां कचरा, कीचड़ और पॉलीथिन से पटकर बजबजा रही हैं। गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे उठती दुर्गंध ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। वार्ड क्रमांक 8 में नर्मदेश्वर मंदिर के पास तो हालात और भी बदतर हैं, जहाँ नाली जाम होने से जल निकासी पूरी तरह ठप पड़ी है।

कागजों पर हो रहा कीटनाशक छिड़काव, धरातल पर मच्छरों का आतंक

गंदगी का सबसे खतरनाक परिणाम जानलेवा मच्छरों के रूप में सामने आ रहा है। बजबजाती नालियां डेंगू और मलेरिया के मच्छरों की प्रजनन स्थली बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि नगर परिषद में कीटनाशक दवा और फॉगिंग के नाम पर हर महीने हजारों रुपये के बिल निकाले जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर आज तक किसी भी वार्ड में दवा का छिड़काव नहीं हुआ है। बच्चे और बुजुर्ग बुखार और संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाया है कि जब दवा छिड़की ही नहीं गई तो बिल किस बात का निकाला जा रहा है।

आस्था के केंद्र अष्टभुजा धाम मंदिर परिसर में भी दिखावे का श्रृंगार

नवरात्रि में लाखों श्रद्धालु ऐतिहासिक अष्टभुजा धाम में माथा टेकने आते हैं, लेकिन यहाँ भी निकाय ने दिखावे की लीपापोती की है। मंदिर के मुख्य द्वार के सामने की साफ-सफाई और मंदिर एवं बाउंड्री की रंगाई-पुताई कर नगर प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली है। जबकि धर्मशाला के आसपास, दुकानों के पीछे कचरे के ढेर लगे हैं। बदबू के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भक्तों का कहना है कि माता के दरबार में भी इस तरह का भेदभाव और दिखावा अशोभनीय है।

नवरात्रि मेला की गुपचुप बैठक से व्यापारियों और भक्तों में आक्रोश

नवरात्रि मेला व्यवस्था को लेकर नगर प्रशासन की गोपनीय कार्यशैली ने आग में घी का काम किया है। बताया जा रहा है कि नगर प्रशासन ने मेला व्यवस्था को लेकर एक बैठक आयोजित की, लेकिन इस बैठक की जानकारी न तो क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों को दी गई, न स्थानीय व्यापारियों को और न ही पत्रकारों को।

माता अष्टभुजा के भक्तों ने कहा कि इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि मेला जैसे सार्वजनिक आयोजन की बैठक चंद अपनों के बीच सामुदायिक भवन में कर ली गई और आम जनमानस तथा भक्तों की राय लेना मुनासिब नहीं समझा गया। लोगों का कहना है कि व्यवस्था बनाना प्रशासन का काम है, लेकिन सुविधा और सुझाव लेना भी नैतिक जिम्मेदारी है।

समस्याओं से परेशान जनता ने दी चेतावनी

नगर परिषद द्वारा जनता से नियमित रूप से प्रकाश कर वसूला जा रहा है, लेकिन आधे से अधिक वार्डों में स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद पड़ी हैं। शाम ढलते ही कस्बे के कई हिस्से अंधेरे में डूब जाते हैं, जिससे असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और दुर्घटनाओं का भय बना रहता है।

नगर वासियों ने एक स्वर में मांग की है कि अविलंब सभी वार्डों की नालियों की सफाई, कीटनाशक दवा का सघन छिड़काव और बंद लाइटों की मरम्मत कराई जाए। साथ ही अष्टभुजा धाम की संपूर्ण साफ सफाई सुनिश्चित की जाए। चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नगर प्रशासन नहीं चेता तो जनता सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी नगर प्रशासन की होगी।

इन्होंने कहा

नगर परिषद क्षेत्र में साफ सफाई का कार्य चल रहा है वर्तमान में कचरा वाहन न होने के कारण कुछ समस्याएं आई हैं, दो दिन के भीतर बेहतर स्वच्छता के साथ, कीटनाशक दवा का छिड़काव एवं प्रकाश की उत्तम व्यवस्था की जाएगी।

सुरेश कुमार सोनवानी , CMO , नगर परिषद नईगढ़ी