CJP Protest : जंतर-मंतर प्रदर्शन को AAP, TMC, सपा और योगेंद्र यादव का समर्थन, कांग्रेस ने बनाई दूरी

CJP Protest : दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन को AAP, TMC, सपा, वामपंथी दलों और योगेंद्र यादव का समर्थन मिला। जानिए किन नेताओं ने क्या कहा और दिल्ली में क्या हैं सुरक्षा इंतजाम।

CJP Protest : जंतर-मंतर प्रदर्शन को AAP, TMC, सपा और योगेंद्र यादव का समर्थन, कांग्रेस ने बनाई दूरी

Jantar Mantar CJP Protest : दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सियासी हलचल तेज है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के इस प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी (AAP), तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी (सपा), वामपंथी दलों और सिविल सोसाइटी से जुड़े कई लोगों का समर्थन मिला है। योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी प्रदर्शन के समर्थन में आवाज उठाई है। वहीं, दी गई जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस ने इस प्रदर्शन से दूरी बनाई हुई है।

प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को रद्द करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को वापस लेने जैसी मांगें उठाई जा रही हैं। दूसरी ओर, प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

किन दलों और नेताओं ने दिया समर्थन?

CJP के प्रदर्शन को कई राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिला है। इनमें आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दल शामिल हैं।

  • आम आदमी पार्टी (AAP): पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने परिवार के साथ प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही है।

  • समाजवादी पार्टी (SP): पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदर्शन के प्रति समर्थन जताया।

  • तृणमूल कांग्रेस (TMC): पार्टी ने भी इस प्रदर्शन को समर्थन दिया है।

  • वामपंथी दल: CPM, CPI, CPI-ML, RSP और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के शामिल होने की बात कही गई है।

  • सिविल सोसाइटी: योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा और यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी प्रदर्शन के समर्थन में अपील की है।

  • किसान नेता: भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत और गुरनाम सिंह चढूनी ने भी समर्थन जताया है।

हालांकि, अलग-अलग नेताओं और संगठनों के समर्थन का मतलब यह जरूरी नहीं कि सभी प्रदर्शन में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहेंगे।

अखिलेश यादव बोले- ताकत के दम पर जनता को नहीं रोक सकती सरकार

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि देश की युवा ऊर्जा के साथ उनकी पार्टी खड़ी है। अखिलेश ने कहा कि अगर सरकार ताकत के बल पर लोगों को रोकने की कोशिश करती है, तो यह उसकी बड़ी भूल होगी।

अखिलेश यादव ने जंतर-मंतर को नई चेतना और जागरण का प्रतीक बताते हुए कहा कि अगर आंदोलनकारियों को रोका गया, तो देश में हर जगह जंतर-मंतर बन जाएगा। उनके इस बयान को प्रदर्शन के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।

योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने क्या कहा?

सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने अपनी पोस्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR रद्द करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को वापस लेने की मांग उठाई।

वहीं, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने लोगों से इसमें शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। प्रशांत भूषण ने यह भी कहा कि अगर दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकती है, तो वे उसी जगह बैठकर अपना विरोध जारी रखें। यूट्यूबर ध्रुव राठी और आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

कांग्रेस ने क्यों बनाई दूरी?

प्रदर्शन को कई विपक्षी दलों का समर्थन मिलने के बावजूद कांग्रेस की इसमें भागीदारी को लेकर स्थिति अलग बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस ने CJP के इस प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी है। वहीं, बीजेपी के नेता CJP पर आम आदमी पार्टी की 'बी टीम' होने का आरोप लगाते रहे हैं। हालांकि, यह राजनीतिक आरोप है और इसे स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर पाबंदियां

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की जानकारी दी गई है। जंतर-मंतर के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू होने की बात कही गई है। इसके अलावा, बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदियों की खबरें भी सामने आई हैं।

CJP के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के मुंबई से दिल्ली रवाना होने की जानकारी भी दी गई है। प्रदर्शन के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर उठ रही मांगों पर सरकार और चुनाव आयोग का क्या रुख रहता है। साथ ही, यह भी देखना होगा कि प्रदर्शन में विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों की भागीदारी किस स्तर तक पहुंचती है।