130वां संशोधन बिल: विपक्ष ने बताया लोकतंत्र के लिए खतरा

क्या बेगुनाह होते हुए भी मंत्री पद से हटाए जा सकते हैं? जानिए नया बिल

130वां संशोधन बिल: विपक्ष ने बताया लोकतंत्र के लिए खतरा

21 अगस्त को लोकसभा के मानसून सत्र का आखिरी दिन था। इस दिन अमित शाह ने 3 बिल पेश किए, जिनमें से एक था 130वां संविधान संशोधन बिल 2025। जैसे ही इस बिल को पेश किया गया, विपक्ष ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। लेकिन ऐसा क्या है इस बिल में?

130वां संविधान संशोधन बिल 2025

इस बिल के अनुसार अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, या कोई भी केंद्रीय या राज्य मंत्री ऐसे गंभीर अपराधों में गिरफ्तार किए जाते हैं, जिनमें कम से कम 5 साल की जेल हो और उन्हें लगातार 30 दिन हिरासत में रखा जाता है, तो 31वें दिन मंत्री को उनके पद से हटा दिया जाएगा।

अब तक किसी भी मंत्री को उनके पद से तब तक नहीं हटाया जाता जब तक उनका गुनाह साबित न हो जाए। लेकिन इस बिल के आने के बाद ऐसा नहीं होगा। भले ही आप बेगुनाह हों, फिर भी अगर आप 30 दिनों तक हिरासत में रहे तो आपकी सांसद या विधायक की सदस्यता खत्म हो जाएगी।

वहीं, विपक्ष का कहना है कि सरकार इस बिल का इस्तेमाल विपक्ष के खिलाफ करेगी। विपक्ष ने कहा कि संविधान में किसी भी आरोपी को गुनहगार तभी माना जाता है जब उसका गुनाह साबित हो जाए। लेकिन ये बिल किसी भी बेगुनाह को गुनहगार साबित कर देगा।

अमित शाह का कहना है कि चुने हुए जनप्रतिनिधि का काम जनहित का होता है, ऐसे में ज़रूरी है कि जनप्रतिनिधि का चरित्र साफ हो। इस बिल को अमित शाह संयुक्त समिति को सौंपने वाले हैं। दोनों सदनों के राज़ी होने के बाद ही इसे पास किया जाएगा।