राहुल गांधी समेत 11 विपक्षी नेताओं की याचिका में खामियां: सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने मांगे जरूरी दस्तावेज

राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की SIR याचिका में सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने करीब 14 खामियां बताईं। जानें वोटर लिस्ट, EVM और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की मांगें।

राहुल गांधी समेत 11 विपक्षी नेताओं की याचिका में खामियां: सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने मांगे जरूरी दस्तावेज

नई दिल्ली। वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और कथित तौर पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन INDI के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी नेता और समर्थक सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करते हुए पहुंचे थे। हालांकि, याचिका की जांच के दौरान सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने इसमें करीब 14 खामियां बताई हैं।

रजिस्ट्री ने याचिका दाखिल करने वाले वकील से जरूरी दस्तावेज और कमियां दूर करने को कहा है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की साफ कॉपी जमा करना भी शामिल है। रजिस्ट्री के मुताबिक, 9 याचिकाकर्ताओं ने याचिका दाखिल करने के लिए लिखित सहमति नहीं दी थी। इसके अलावा, कुछ दस्तावेजों के पन्ने पढ़ने लायक नहीं थे, जबकि कुछ पन्ने गायब भी थे। कोर्ट फीस भी 220 रुपये कम जमा की गई थी।

SIR और वोटर लिस्ट में बदलावों की जांच की मांग

12 अक्टूबर को दायर इस याचिका में भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को पक्षकार बनाया गया है।

विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम हटाए जाने और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की है। याचिका में SIR की वैधता को चुनौती दिए बिना इस प्रक्रिया को रोकने और पंजाब समेत अन्य चुनावी राज्यों में योग्य मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों और उसमें किए गए बदलावों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में समिति बनाने की मांग

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से एक स्वतंत्र समिति बनाने का अनुरोध किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त जज को देने की मांग की गई है। समिति में तकनीकी विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित नागरिकों को भी शामिल करने की बात कही गई है।

विपक्ष चाहता है कि यह समिति तय समय सीमा के भीतर SIR के दौरान वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों और किए गए बदलावों का ऑडिट करे। इसके साथ ही वोटर लिस्ट के डेटाबेस और SIR लागू करने की प्रक्रिया की भी जांच की जाए।

चुनाव आयोग से रिकॉर्ड और EVM से जुड़ी जानकारी मांगी

याचिका में INDI गठबंधन ने चुनाव आयोग से SIR से जुड़ी पूरी फाइलें, आपत्तियों का रिकॉर्ड, एक्सेस लॉग और बैठकों के कार्यवृत्त उपलब्ध कराने की मांग की है।

इसके अलावा, याचिकाकर्ताओं ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से जुड़ी प्रक्रियाओं, नियमों, प्रोटोकॉल और तकनीकी व्यवस्था की समीक्षा करने का भी अनुरोध किया है। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में किए गए बदलावों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

याचिका में कौन-कौन से विपक्षी नेता शामिल हैं?

याचिका दायर करने वाले विपक्षी नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, आरजेडी के तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, सीपीएम के एमए बेबी, सीपीआई के डी. राजा, जेएमएम की महुआ माजी, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले और आईयूएमएल के ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं। राहुल गांधी भी इस याचिका से जुड़े प्रमुख नेताओं में हैं।

CJI से मुलाकात नहीं होने पर राहुल गांधी ने क्या कहा?

विपक्षी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने से मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के इनकार पर राहुल गांधी ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि याचिका दायर करने का रास्ता बताना आगे बढ़ने का एक तरीका है।

आगे की रणनीति बनाएगा विपक्ष

वोटर लिस्ट और SIR के मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए राहुल गांधी ने मंगलवार शाम को विपक्षी सांसदों, सिविल सोसाइटी के सदस्यों और छात्र संगठनों को अपने आवास पर चाय पर बुलाया है। इस बैठक में कथित वोट चोरी के खिलाफ संयुक्त विरोध-प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर चर्चा होने की उम्मीद है। इससे पहले विपक्षी सांसद प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे।