Shahdol Elephant Death : खेत में करंट लगने से हाथी की मौत, ग्रामीण बोले- हाथी मकानों-फसलों को नुकसान पहुंचाते

Shahdol Elephant Death : बिजली की व्यवस्था में कोई तकनीकी खामी थी या करंट फैलने की कोई और वजह थी, इसकी जांच चल रही है।

Shahdol Elephant Death : खेत में करंट लगने से हाथी की मौत, ग्रामीण बोले- हाथी मकानों-फसलों को नुकसान पहुंचाते

Shahdol Elephant Death : मध्य प्रदेश। शहडोल जिले के बाणसागर क्षेत्र के चंदोली गांव में मंगलवार को एक खेत में नर हाथी की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार हाथी बोरवेल के पास पहुंचा था। वहां करंट की चपेट में आने से मौत की आशंका है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। जांच शुरू कर दी गई है।

खेत में बिजली कैसे फैली

यह घटना देवलोंद थाना क्षेत्र के चंदोली गांव में वार्ड नंबर सात के एक खेत की है। खेत में बिजली कैसे फैली और हाथी किन परिस्थितियों में करंट की चपेट में आया, यह अभी स्पष्ट नहीं है। बिजली की व्यवस्था में कोई तकनीकी खामी थी या करंट फैलने की कोई और वजह थी, इसकी जांच चल रही है। मौत की सही परिस्थितियों और जिम्मेदारी का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। घटना की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।

ग्रामीणों ने बताई थी परेशानी

हाथी की मौत से एक दिन पहले बाणसागर क्षेत्र की जगमल पंचायत के ग्राम सेझहरी के ग्रामीणों ने हाथियों के झुंड से हो रही परेशानी बताई थी। ग्रामीणों के अनुसार शाम होते ही हाथियों का झुंड गांव के आसपास पहुंच जाता है। इससे कच्चे मकानों और फसलों को नुकसान पहुंचता है। हाथियों की आवाजाही के दौरान बिजली बंद कर दी जाती है। गांव में अंधेरा हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को रात में लाठी और मशाल लेकर पहरा देना पड़ता है।

कई सालों से क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही

देवलोंद और बाणसागर क्षेत्र के जंगलों तथा पहाड़ी इलाकों में पिछले कुछ सालों से एक दर्जन से अधिक हाथियों के झुंड की आवाजाही की जानकारी मिलती रही है। चंदोली गांव में मृत मिला नर हाथी इसी झुंड का हिस्सा था या किसी दूसरे क्षेत्र से आया था, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। वन विभाग की जांच के बाद ही हाथी की मौत की परिस्थितियों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।