CM डॉ. मोहन यादव से मिले शिवराज सिंह चौहान: कोसमी मामले में जांच के आदेश और कार्रवाई का आश्वासन
सीहोर के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने के मामले में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। बैठक में सीएम ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भोपाल। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी क्षेत्र के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने का मामला अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंच गया है। गुरुवार देर शाम केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से सीएम हाउस में मुलाकात की। बैठक में आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने और वन विभाग की कार्रवाई का मुद्दा उठाया गया। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
शिवराज ने मुख्यमंत्री के सामने उठाया मामला
इस मुलाकात के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में प्रभावित आदिवासी परिवारों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। बैठक में कोसमी गांव में हुई कार्रवाई और इससे प्रभावित परिवारों की समस्याओं पर चर्चा की गई।
शिवराज सिंह चौहान पहले भी इस मामले पर नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने आदिवासी परिवारों के साथ अन्याय होने की बात कही थी। उनका कहना था कि उन्होंने मौके पर बच्चों को चीखते और महिलाओं को तकलीफ में देखा है। अब उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने यह मामला उठाकर प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।
CM के निर्देश पर आदिवासियों के बीच पहुंचें कलेक्टर
आदिवासियों के मकान तोड़े जाने के मामले ने मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच बैठक के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। खबरों के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कलेक्टर के. बालागुरु रात में कोनझीर पहुंचे और आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर प्रभावित परिवारों को बस से वापस उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी आदिवासी को परेशान नहीं किया जाए और जो जहां स्थापित है, उसे वहीं रहने दिया जाए।

12 परिवारों के मकान तोड़े जाने का आरोप
जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर को कोसमी गांव में वन विभाग की कार्रवाई के दौरान 12 परिवारों के मकान तोड़े गए थे। इस कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों ने अपने नुकसान को लेकर सवाल उठाए हैं। परिवारों की मांग है कि उन्हें जमीन के पट्टे दिए जाएं और मकानों के साथ फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा मिले।
इसके अलावा, परिवारों ने कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कदम उठाने की मांग की है। मुख्यमंत्री की ओर से जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद अब प्रभावित परिवारों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है।
भोपाल की ओर पैदल मार्च कर रहे आदिवासी परिवार
कोसमी मामले को लेकर आदिवासी समुदाय के लोगों ने भोपाल तक पैदल मार्च शुरू किया है। जानकारी के मुताबिक, ये परिवार शुक्रवार शाम तक भोपाल पहुंच सकते हैं। उनकी मांग है कि मकान तोड़े जाने के मामले में न्याय मिले और नुकसान की भरपाई की जाए। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए सरकार क्या कदम उठाती है।
Varsha Shrivastava 
