Shivraj Press Conference : कांग्रेस एक जूनियर पार्टनर और परजीवी पार्टी बनकर रह गई - शिवराज सिंह चौहान
Shivraj Press Conference : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन अब विदेशी ताकतों के हाथों का खिलौना बन चुका है।
Shivraj Press Conference : नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने चुनाव आयोग विवाद को लेकर बीजेपी का रुख साफ किया। शिवराज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रही है और देश को तोड़ने वाली ताकतों से हाथ मिला रही है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Minister Shivraj Singh Chouhan) ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, कांग्रेस के पास ना कोई दिशा है, ना कोई नीति है और ना ही नेतृत्व। कांग्रेस और इंडी गठबंधन अब विदेशी ताकतों के हाथों का खिलौना बन चुका है।ये सत्ता के लिए कभी वामपंथियों, कभी कॉकरोचों और कभी जॉर्ज सोरोस टाइप के देश विरोधी ताकतों का सहारा लेते हैं।
कांग्रेस पर गंभीर आरोप
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस झूठ फैलाकर सड़कों पर अराजकता और दंगे भड़का रही है। वे पिछले दरवाजे से सत्ता में लौटने की कोशिश कर रहे हैं। कोर्ट के फैसले उनके पक्ष में न होने पर वे न्यायपालिका पर हमला करते हैं। चुनाव हारने पर चुनाव आयोग को दोष देते हैं। सेना जब आतंकवादियों से निपटती है तो सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह शिव की बारात नहीं बल्कि अराजकतावादियों की भीड़ है।
विदेशी ताकतों और गठबंधन का जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इनडी गठबंधन विदेशी ताकतों के हाथ की कठपुतली बन गए हैं। सत्ता के लिए वे वामपंथियों, जॉर्ज सोरोस जैसी विदेशी ताकतों और एनजीओ का सहारा लेते हैं। शिवराज ने कहा कि कांग्रेस कई बड़े राज्यों से लंबे समय से सत्ता से बाहर है। तमिलनाडु में करीब 59 साल, पश्चिम बंगाल में 49 साल, सिक्किम में 42 साल, उत्तर प्रदेश में 37 साल और बिहार में 36 साल से वे सत्ता में नहीं हैं।
नेतृत्व और आंतरिक कलह पर सवाल
शिवराज ने कहा कि तीन-चार राज्यों को छोड़कर कांग्रेस ज्यादातर जगहों पर जूनियर पार्टनर बनकर रह गई है। तमिलनाडु में डीएमके के सहारे, बिहार में आरजेडी के सहारे और उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा के बीच घूमते रहते हैं। उन्होंने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव हारने के बाद संस्थाओं पर हमला कांग्रेस की आदत बन गई है। इसकी वजह चुनाव आयोग नहीं बल्कि कांग्रेस का दिशाहीन नेतृत्व है। उत्तर प्रदेश में आपसी कलह, पंजाब में अध्यक्ष बदलने जैसे आंतरिक झगड़े इसकी मिसाल हैं।

