Shivraj Singh Chouhan का विपक्ष पर तंज: बोले- भारत में तुम्हारी दाल क्यों नहीं गल रही?

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘रिजीम चेंज गैंग’ का जिक्र कर विपक्ष पर निशाना साधा. जानिए उन्होंने सत्ता परिवर्तन और चुनावी नतीजों को लेकर क्या कहा.

Shivraj Singh Chouhan का विपक्ष पर तंज: बोले- भारत में तुम्हारी दाल क्यों नहीं गल रही?

Bhopal News: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ( Shivraj Singh Chouhan) ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए ‘रिजीम चेंज गैंग’ यानी सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने वाले समूह पर तंज कसा है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि कुछ लोग षड्यंत्र रचकर और झूठ फैलाकर देश में सत्ता परिवर्तन का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. शिवराज ने सवाल उठाया कि आखिर भारत में उनकी दाल क्यों नहीं गल रही?

"विपक्ष के सपने साबुन के बुलबुले"

शिवराज सिंह चौहान ने अपनी पोस्ट में कहा कि जनता के जनादेश के सामने सत्ता परिवर्तन के सपने साबुन के बुलबुले की तरह फूट जाते हैं. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि गांवों से लेकर शहरों तक और युवाओं से लेकर आम नागरिकों तक जनता का रुख उन लोगों की रणनीति से अलग है, जो सत्ता परिवर्तन का नैरेटिव तैयार करने में जुटे हैं.

उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि बार-बार हार मिलने के बावजूद इन लोगों की भारत में दाल क्यों नहीं गल रही. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर इन लोगों को अब भी बात समझ नहीं आई, तो वह अगले दिन बताएंगे कि आखिर उनकी दाल क्यों नहीं गल पा रही है.

चुनावी नतीजों का दिया हवाला

शिवराज सिंह चौहान ने अपने बयान में हाल के चुनावी और छात्रसंघ चुनावों के नतीजों का हवाला दिया. उन्होंने भाजपा और उससे जुड़े संगठनों की जीत को जनता के समर्थन से जोड़ते हुए विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए.

उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब देश में विपक्ष और सत्तारूढ़ दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है. शिवराज ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह चुनावों में जनता का भरोसा जीतने के बजाय झूठ और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है.

‘रिजीम चेंज गैंग’ कहकर विपक्ष पर साधा निशाना

‘रिजीम चेंज’ का अर्थ सत्ता या सरकार में बदलाव से है. शिवराज सिंह चौहान ने इस शब्द का इस्तेमाल करते हुए विपक्ष और सरकार विरोधी नैरेटिव बनाने वालों पर निशाना साधा. हालांकि, उनके बयान में जिस समूह को ‘रिजीम चेंज गैंग’ कहा गया है, उसकी कोई विस्तृत पहचान स्पष्ट नहीं की गई है. फिलहाल शिवराज की इस टिप्पणी को विपक्ष पर उनके ताजा राजनीतिक हमले के तौर पर देखा जा रहा है.