केंद्र सरकार के मंत्री ने दिया इस्तीफा : राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ी, PM मोदी के नाम लिखा पत्र
L. Murugan Resignation : सूचना और प्रसारण तथा संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने अपने मंत्रालय और राज्यसभा की सदस्यता, दोनों से इस्तीफा दे दिया है।
L. Murugan Resignation : नई दिल्ली। सूचना और प्रसारण तथा संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने अपने मंत्रालय और राज्यसभा की सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा कि वे तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय देना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री की यात्रा से मजबूत हुआ संकल्प
पत्र में एल. मुरुगन ने लिखा कि तमिलनाडु की आपकी हालिया यात्रा ने मुझ पर गहरी छाप छोड़ी है। हर जगह लोगों ने कितने प्यार से आपका स्वागत किया। आपकी मौजूदगी से उनमें कितनी उम्मीद जगी। उनका उत्साह सुनहरे भविष्य के प्रति गहरे भरोसे को दिखाता है। हमारे राज्य के प्रति आपका समर्पण और लोगों का प्यार देखकर मुझे गर्व और कृतज्ञता महसूस हुई। तमिलनाडु, पार्टी और देश के लिए और अधिक काम करने का मेरा संकल्प और मजबूत हुआ।
Minister of State for Information and Broadcasting and Parliamentary Affairs, L. Murugan, resigns from both his ministry and membership of the Rajya Sabha https://t.co/ZjXyP21udQ
— ANI (@ANI) October 13, 2026
गरीब परिवार से छात्र जीवन में पार्टी जॉइन की
एल. मुरुगन ने कहा कि वे किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते। वे बहुत गरीब परिवार से हैं। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर और पशु चराने का काम करते थे। आज भी कोनूर गांव में सादा जीवन बिता रहे हैं। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनका बेटा एक दिन केंद्र सरकार में सेवा करेगा। महाकवि भारती, सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने कॉलेज के दिनों में एबवीपी जॉइन किया। एबवीपी और भाजपा में लगभग तीस वर्ष तक उनका मूल मंत्र रहा- राष्ट्र सबसे पहले, पार्टी उसके बाद और मैं सबसे अंत में।
संगठन मजबूत करने पर होगा जोर
एल. मुरुगन 2021 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे। 2024 में दूसरी बार उन्हें राज्यसभा भेजा गया। उनके इस्तीफे के बाद तमिलनाडु की राज्यसभा सीट खाली हो जाएगी। अब वे प्रदेश में पार्टी के संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे। जमीनी स्तर पर जाने से राज्य में भाजपा को संगठनात्मक रूप से मजबूती मिलने की उम्मीद है।

