भोपाल में आज 'नो UPI डे': चावल-दाल व्यापारियों ने किया डिजिटल पेमेंट का बहिष्कार; MDR चार्ज का विरोध
भोपाल में गुरुवार को यानि आज व्यापारी ‘नो-UPI डे’ मनाएंगे। थोक दाल-चावल व्यापारी यह सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। वे 2 हजार रुपए से ज्यादा का पेमेंट ऑनलाइन नहीं लेंगे। व्यापारी UPI चार्ज का विरोध कर रहे हैं।
Bhopal NO UPI Day : भोपाल में यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में व्यापारियों का विरोध जारी है। इसी कड़ी में हनुमानगंज-जुमेराती क्षेत्र के चावल-दाल व्यापारी संघ ने 8 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’ मनाने का फैसला किया है। इस दौरान व्यापारी यूपीआई के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे और लेन-देन नकद में करने की अपील की गई है।
क्यों हो रहा UPI का विरोध?
व्यापारी संगठनों की आपत्ति यूपीआई या डिजिटल पेमेंट व्यवस्था से नहीं, बल्कि प्रस्तावित MDR शुल्क से है। व्यापारियों का कहना है कि यूपीआई लंबे समय से ग्राहकों और कारोबारियों के लिए तेज और सुविधाजनक भुगतान माध्यम रहा है। ऐसे में इस पर अतिरिक्त शुल्क लगने से खासकर छोटे और मध्यम कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है।
व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने डिजिटल भुगतान और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने में सहयोग किया है, इसलिए सरकार को MDR से जुड़े फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।
8 अक्टूबर को क्या होगा?
चावल-दाल व्यापारी संघ, हनुमानगंज-जुमेराती ने बाजार के व्यापारियों से 8 अक्टूबर को यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करने की अपील की है। इस दिन कारोबार सामान्य रूप से जारी रहेगा, लेकिन भुगतान के लिए नकद व्यवस्था अपनाने का फैसला किया गया है। व्यापारी इसे सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने का सांकेतिक और शांतिपूर्ण विरोध बता रहे हैं।
क्या है MDR चार्ज का मामला?
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान के दौरान मर्चेंट से लिया जाता है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के पात्र UPI Person-to-Merchant (P2M) लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू किया जाना है। 2,000 रुपये तक के लेन-देन इस प्रस्तावित शुल्क से बाहर रहेंगे।
उदाहरण के तौर पर 5,000 रुपये के पात्र UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से MDR 20 रुपये होगा, जबकि 10,000 रुपये के भुगतान पर यह राशि 40 रुपये बनती है।
व्यापारियों की क्या मांग है?
व्यापारी संगठनों की मुख्य मांग UPI पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाने और मौजूदा शून्य-MDR व्यवस्था को बनाए रखने की है। उनका कहना है कि कारोबार में पहले से कई तरह के खर्च हैं और डिजिटल पेमेंट पर अतिरिक्त लागत जुड़ने से व्यापारियों के मार्जिन पर असर पड़ सकता है।
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू के मुताबिक, ‘नो UPI डे’ के जरिए व्यापारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। चावल-दाल व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेश रामरख्यानी और सचिव सचिन संगतानी ने भी सरकार से इस विषय पर पुनर्विचार की मांग की है।
पहले भी हो चुका है विरोध
MDR के विरोध में मध्य प्रदेश के व्यापारियों की ओर से पहले भी ‘नो UPI डे’ का आयोजन किया जा चुका है। भोपाल में व्यापारियों ने QR कोड और UPI साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढककर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया था। व्यापारी संगठनों का कहना है कि उनका विरोध डिजिटल भुगतान के खिलाफ नहीं है। उनकी आपत्ति UPI पर प्रस्तावित अतिरिक्त शुल्क को लेकर है।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
8 अक्टूबर के इस विरोध में शामिल व्यापारियों के यहां UPI से भुगतान नहीं लिया जाएगा, इसलिए ग्राहकों को खरीदारी के दौरान नकद भुगतान की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि यह विरोध संबंधित व्यापारी संगठनों की अपील पर आधारित है। वहीं प्रस्तावित MDR व्यवस्था के संबंध में सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शुल्क ग्राहक से नहीं, बल्कि पात्र लेन-देन में मर्चेंट से लिया जाएगा।

