Chhindwara News : लाड़ली बहना योजना में नाम जुड़ने की अफवाह, फॉर्म लेकर निगम पहुंचीं सैकड़ों महिलाएं
छिंदवाड़ा में लाड़ली बहना योजना में नाम जोड़ने की अफवाह के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं आवेदन फॉर्म लेकर नगर निगम पहुंचीं। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल नए नाम जोड़ने की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
Chhindwara News : छिंदवाड़ा। लाड़ली बहना योजना में नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होने की अफवाह के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाएं नगर निगम कार्यालय पहुंच गईं। हाथों में आवेदन फॉर्म लिए महिलाएं घंटों कतार में खड़ी रहीं। जब अधिकारियों ने पोर्टल की स्थिति स्पष्ट की तो सामने आया कि फिलहाल योजना में नए नाम जोड़ने की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
लाड़ली बहना के नाम पर उमड़ी भीड़
महिलाएं सुबह करीब 10 बजे से नगर निगम पहुंचना शुरू हो गई थीं। कुछ ही देर में कार्यालय में लंबी कतार लग गई। महिलाओं को उम्मीद थी कि आवेदन जमा होने के बाद उनका नाम योजना के पोर्टल पर दर्ज होगा और उन्हें योजना की राशि मिलनी शुरू हो जाएगी।
हाथों में फॉर्म, लेकिन पोर्टल बंद
भीड़ बढ़ने पर निगम अधिकारियों ने महिलाओं को लाड़ली बहना योजना के पोर्टल की स्थिति बताई। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल नए नाम जोड़ने का पोर्टल नहीं खुला है और ऐसी कोई प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई है। इसके बाद महिलाओं को पता चला कि जिस जानकारी के आधार पर वे यहां पहुंची थीं, वह सही नहीं थी।
घंटों इंतजार के बाद सामने आई सच्चाई
नगर निगम कार्यालय में सुबह से शाम करीब 5 बजे तक महिलाओं की भीड़ बनी रही। कर्मचारी लगातार उन्हें समझाते रहे कि फिलहाल आवेदन जमा कराने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। इसके बावजूद कई महिलाएं इस बात पर अड़ी रहीं कि उनके फॉर्म लिए जाएं।
जिद पर लिए गए महिलाओं के आवेदन
महिलाओं के लगातार आग्रह के बाद नगर निगम ने उनके आवेदन ले लिए और एक सूची तैयार कर ली। हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया कि इन आवेदनों को लाड़ली बहना योजना के पोर्टल पर दर्ज नहीं किया गया है। यानी आवेदन जमा होने का मतलब योजना में नाम जुड़ना नहीं है।
आखिर किसने फैलाई ये अफवाह?
बड़ी संख्या में महिलाओं के नगर निगम पहुंचने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि लाड़ली बहना योजना में नाम जोड़ने की सूचना आखिर कहां से फैली। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि महिलाओं तक यह जानकारी किस माध्यम से पहुंची। राजनीतिक या किसी संगठन से जुड़े लोगों की भूमिका की चर्चा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

