Starlink विवाद: एलन मस्क ने पूछा- क्या अंबानी हैं भारत के असली बॉस? राहुल गांधी बोले- दूसरे शख्स का इंतजार कीजिए
Starlink की भारत में एंट्री में देरी को लेकर एलन मस्क ने मुकेश अंबानी पर सवाल उठाया। राहुल गांधी ने मस्क के ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा, दूसरे शख्स के बारे में पता चलने तक इंतजार कीजिए।
एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink की भारत में एंट्री को लेकर विवाद बढ़ गया है। भारत में सेवा शुरू करने में हो रही देरी पर एलन रीव मस्क ने सवाल उठाते हुए मुकेश अंबानी का नाम लिया। इसके बाद राहुल गांधी ने भी मस्क के पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी।
एलन मस्क ने अंबानी को क्यों कहा भारत का बॉस?
एलन मस्क ने Starlink की भारत में सेवा शुरू होने में देरी को लेकर सवाल उठाया। उनका कहना है कि कंपनी ने भारत के नियमों और जरूरी शर्तों को पूरा करने के लिए लंबे समय तक काम किया है, फिर भी सेवा शुरू करने में देरी हो रही है। मस्क ने पहले आरोप लगाया कि भारत में कुछ बड़े कारोबारी Starlink की एंट्री रोकना चाहते हैं, ताकि बाजार पर उनका दबदबा बना रहे। इसके बाद उन्होंने सीधे सवाल किया- “क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?”
Starlink is licensed in over 165 countries and has spent five years complying with every single law and requirement of the government of India, so why still no license? Is Ambani the real boss of India?
— Elon Musk (@elonmusk) October 8, 2026
हालांकि, मस्क के इस सवाल से यह साबित नहीं होता कि मुकेश अंबानी ने Starlink की मंजूरी रुकवाई है। इसका कोई सार्वजनिक निर्णायक प्रमाण सामने नहीं आया है।
एलन मस्क के ट्वीट का राहुल गांधी ने दिया जवाब
मस्क के अंबानी वाले सवाल पर राहुल गांधी ने X पर जवाब दिया। उन्होंने लिखा- “भारत में आपका स्वागत है, एलन। दूसरे शख्स के बारे में पता चलने तक इंतजार कीजिए।”
Welcome to India, Elon. Wait till you discover the other guy.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 8, 2026
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में उस “दूसरे शख्स” का नाम नहीं बताया। इसके बाद एलन मस्क ने राहुल गांधी को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह स्थिति वास्तव में परेशान करने वाली है।
Starlink को लेकर क्या है पूरा मामला?
Starlink, SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है। यह जमीन पर बिछे फाइबर या केवल मोबाइल टावरों पर निर्भर रहने के बजाय Low Earth Orbit में मौजूद सैटेलाइट के नेटवर्क से इंटरनेट उपलब्ध कराती है। यह तकनीक खास तौर पर उन दूरदराज इलाकों में उपयोगी हो सकती है, जहां फाइबर या मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल है।
भारत में क्या तैयारी कर चुकी है Starlink?
Starlink ने भारत में अपनी सेवा शुरू करने के लिए जमीन पर भी बुनियादी ढांचा तैयार किया है। कंपनी के मुताबिक भारत में 20 गेटवे साइट बनाई गई हैं और वहां सैकड़ों एंटीना लगाए गए हैं। हालांकि, गेटवे तैयार होने का मतलब यह नहीं है कि कंपनी बिना बाकी नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी किए व्यावसायिक सेवा शुरू कर सकती है।
सरकार ने आरोपों पर क्या कहा?
भारत सरकार ने Starlink के साथ भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है। सरकार के अनुसार Starlink समेत सैटेलाइट इंटरनेट क्षेत्र की अन्य कंपनियां भी सुरक्षा और नियामकीय प्रक्रिया से गुजर रही हैं। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि मुकेश अंबानी ने Starlink का लाइसेंस रुकवाया है। इतना जरूर है कि एलन मस्क ने इस देरी पर सवाल उठाते हुए अंबानी का नाम लिया है, जबकि सरकार इसे तय नियमों और सुरक्षा मंजूरियों से जुड़ी प्रक्रिया बता रही है।

