पीएम मोदी: "ईरान जंग जारी रही तो गंभीर नतीजे होंगे, टीम इंडिया की तरह काम करना होगा"
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया युद्ध पर चेतावनी दी। तेल, महंगाई और सप्लाई चेन पर असर की आशंका जताई, राज्यों से मिलकर संकट से निपटने की अपील की।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में पश्चिम एशिया (ईरान-इजराइल-अमेरिका) संघर्ष पर 21 मिनट तक महत्वपूर्ण भाषण दिया। पीएम ने चेतावनी दी कि अगर युद्ध लंबा चला तो इसके गंभीर दुष्परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है, इसलिए टीम इंडिया की भावना से केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा।
पीएम मोदी की स्पीच की 5 बड़ी बातें
राज्य सरकारों से अपील:
पीएम ने राज्यों से कहा कि संकट के समय गरीबों और श्रमिकों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। PM गरीब अन्न कल्याण योजना को बिना रुके जारी रखें। कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई करें। देश की तेज विकास दर बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है।
किसानों को आश्वासन:
सरकार बुआई के मौसम में किसानों को खाद की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। पीएम ने कहा, “मैं किसानों को फिर आश्वस्त करता हूँ कि सरकार हर चुनौती में उनके साथ खड़ी है।”
तेल-गैस, मंहगाई और सप्लाई चेन पर एक्शन:
कल ही 7 एम्पॉवर्ड ग्रुप बनाए गए हैं जो पेट्रोल-डीजल, गैस, फर्टिलाइजर और महंगाई जैसे मुद्दों पर त्वरित और लंबी अवधि की रणनीति बनाएंगे।
होर्मुज स्ट्रेट संकट:
होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाज और बड़ी संख्या में भारतीय क्रू फंसे हुए हैं। व्यापारिक जहाजों पर हमला और इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है। भारत कूटनीति के जरिए जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए प्रयासरत है। कई देशों से तेल और LPG के जहाज पहले ही भारत पहुंच चुके हैं।
विदेश में फंसे भारतीयों की सुरक्षा:
देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। युद्ध शुरू होने के बाद से 3 लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं। ईरान से 1,000 से अधिक भारतीय वापस आए (जिनमें 700+ मेडिकल छात्र हैं)। कुछ भारतीयों की मौत हुई है, उनके परिवारों को मदद दी जा रही है और घायलों का इलाज कराया जा रहा है।
अन्य महत्वपूर्ण बातें:
भारत अब 41 देशों से ऊर्जा आयात कर रहा है (पहले 27 देश थे)।
रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाई गई है और क्रूड ऑयल के भंडार पर्याप्त हैं।
सरकार आत्मनिर्भरता पर जोर दे रही है – हथियार, दवाइयाँ और रेयर अर्थ मिनरल्स में निर्भरता कम करने के प्रयास चल रहे हैं।
पीएम ने कहा, “कोरोना काल की तरह धैर्य, संयम और एकजुटता से इस संकट का सामना करेंगे।”
पीएम मोदी ने सोमवार को लोकसभा में भी 25 मिनट का विस्तृत भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने युद्ध के लंबे असर की आशंका जताई थी।
<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">वर्तमान संकट ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। अभी तक पश्चिम एशिया में जो नुकसान हुआ है, उससे उबरने में दुनिया को काफी समय लगेगा।<br><br>भारत पर इसका कम से कम दुष्प्रभाव हो, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी अर्थव्यवस्था के मूलभूत आधार मजबूत हैं और सरकार… <a href="https://t.co/Qm07vrgLpW">pic.twitter.com/Qm07vrgLpW</a></p>— SansadTV (@sansad_tv) <a href="https://twitter.com/sansad_tv/status/2036369516217995324?ref_src=twsrc%5Etfw">March 24, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
पीएम का संदेश:
“हालात लगातार बदल रहे हैं। हमें तैयार रहना होगा। केंद्र और राज्य मिलकर काम करें, ताकि भारत इस परीक्षा में भी मजबूती से उभरे।”

