जिला ट्रॉमा सेंटर की बदहाल व्यवस्था पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

सिंगरौली के जिला ट्रॉमा सेंटर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह चौहान ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल रहीं। कई बेडों पर बेडशीट नहीं हैं, वार्डों में पर्याप्त कूलर नहीं लगे और एसी बंद पड़े हैं।

जिला ट्रॉमा सेंटर की बदहाल व्यवस्था पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

सिंगरौली: जिले के जिला ट्रॉमा सेंटर में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह चौहान ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन जमीनी हकीकत बेहद दयनीय है।

प्रवीण सिंह चौहान ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर में मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव है। अधिकांश बेडों पर बेडशीट तक नहीं लगी हुई है। वार्डों में 10-15 बेडों के लिए केवल एक कुलर लगा हुआ है, जो अक्सर खराब रहता है। कई कमरों में एसी लगे होने के बावजूद उन्हें बंद रखा गया है, जिससे गर्मी के मौसम में मरीजों और उनके परिजनों को बेहद कष्ट झेलना पड़ रहा है।

गरीबों का दर्द..
कांग्रेस नेता ने कहा, गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर आते हैं, लेकिन यहां उन्हें मूल सुविधाएं भी नहीं मिल पातीं। ऊपरी मंजिलों पर मरीजों के परिजन तपती गर्मी में घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।

मशीनें धूल खा रही हैं, करोड़ों का घोटाला..
प्रवीण सिंह चौहान ने सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रॉमा सेंटर में लाखों-करोड़ों रुपये की मशीनें धूल फांक रही हैं। उन्होंने पूछा, अगर इन मशीनों का इस्तेमाल नहीं करना था तो इन्हें खरीदा ही क्यों गया, उन्होंने इसे कमीशनखोरी से जोड़ते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

CSR और DMF फंड का दुरुपयोग..
नेता ने कहा कि जिले में सीएसआर और डीएमएफ फंड की अच्छी-खासी राशि उपलब्ध है, फिर भी स्वास्थ्य सुविधाएं निम्न स्तर की बनी हुई हैं। ट्रॉमा सेंटर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा सकता था, लेकिन भ्रष्टाचार ने व्यवस्था को चरमरा दिया है।

प्रवीण सिंह चौहान ने जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अस्पतालों का दौरा मात्र औपचारिकता बनकर रह गया है। वास्तविक समस्याओं का समाधान करने की बजाय नेता और अधिकारी सिर्फ फोटो खिंचवाने तक सीमित हैं। कांग्रेस की मांग है कि जिला प्रशासन तुरंत ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण करे और सभी कमियों को दूर करे। साथ ही मशीनों की खरीद और उनके रखरखाव में हुए संभावित भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए।