Bhopal Freedom Story: 1947 के बाद 658 दिन तक क्यों रहा गुलाम? जानें पूरा इतिहास
जानें क्यों आज़ादी के बाद भी 658 दिन तक भोपाल गुलाम रहा, नवाब और सरदार पटेल के बीच क्या हुआ और कैसे मिला 1949 में स्वतंत्रता।
पटेल vs नवाब: कैसे हुआ भोपाल का भारत में विलय और क्या थी बौरास कांड की सच्चाई
क्या आप जानते हैं कि जब पूरा भारत 15 अगस्त 1947 को आज़ादी का जश्न मना रहा था. तब भी भोपाल गुलाम था? देश की आजादी के बाद भी 658 दिनों तक भोपाल नवाबी शासन के अधीन रहा. इस दौरान यहां तिरंगा फहराना भी जुर्म था, और आवाज उठाने वालों को जेल या गोलियों का सामना करना पड़ता था. इस वीडियो में जानिए– भोपाल की आजादी की पूरी अनसुनी कहानी, क्यों नवाब हमीदुल्लाह खान भारत में शामिल नहीं होना चाहते थे. कैसे सरदार वल्लभभाई पटेल ने कूटनीति से भोपाल का विलय कराया. बौरास कांड और युवाओं के बलिदान की सच्ची कहानी. 1 जून 1949 को कैसे मिला भोपाल को असली स्वतंत्रता. यह सिर्फ इतिहास नहीं… बल्कि संघर्ष, बलिदान और देशभक्ति की एक ऐसी कहानी है, जिसे हर भारतीय को जानना चाहिए.

