खरगोन में अवैध हथियार फैक्ट्री पर पुलिस का छापा, 5 सिकलीगर गिरफ्तार

Khargone जिले के गोगावा थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 11 अवैध हथियार, अधबने पिस्टल, कट्टे और हथियार बनाने की बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की है।

खरगोन में अवैध हथियार फैक्ट्री पर पुलिस का छापा, 5 सिकलीगर गिरफ्तार

खरगोन जिला पुलिस ने अवैध हथियारों के तस्करों और निर्माताओं के खिलाफ एक बड़ी और सफल 'सर्जिकल स्ट्राइक' को अंजाम दिया है। गोगावा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिगनूर में नदी के किनारे चल रही एक हाईटेक अवैध हथियार बनाने वाली फैक्टरी पर पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक धावा बोल दिया। इस पूरी घेराबंदी और छापामार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में तैयार और अधबने हथियारों का जखीरा बरामद किया है। इसके साथ ही हथियारों का अवैध निर्माण कर रहे 5 शातिर सिकलीगरों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है।

रूपा नदी के किनारे चल रहा था मौत का खेल, मुखबिर की सूचना पर एक्शन..
खरगोन पुलिस अधीक्षक (SP) रविंद्र वर्मा ने इस हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस विभाग को काफी समय से इलाके में हथियारों की अवैध मैन्युफैक्चरिंग को लेकर खुफिया इनपुट्स मिल रहे थे। इसी कड़ी में शुक्रवार को एक सटीक मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम सिगनूर में 'रूपा नदी' के एकांत किनारे पर कुछ सिकलीगरों द्वारा अवैध हथियारों की फैक्टरी संचालित की जा रही है, जहाँ बड़े पैमाने पर अवैध फायर आर्म्स (देशी पिस्टल और कट्टे) का निर्माण किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल थाना गोगावा व थाना सनावद की पुलिस टीमों को मिलाकर एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया।

चारों तरफ से घेराबंदी: भागने का मौका भी नहीं मिला..
पुलिस की संयुक्त टीम ने रणनीति के तहत मुखबिर के बताए स्थान यानी रूपा नदी के किनारे को चारों तरफ से घेर लिया। जैसे ही पुलिस टीम ने दबिश दी, वहां कड़ाके की भट्टी धधक रही थी और पांचों आरोपी धड़ल्ले से हथियारों को अंतिम रूप देने और घिसने के काम में मग्न थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पांचों व्यक्तियों को दबोच लिया। जब उनसे उनके नाम-पते पूछे गए और हथियारों के संबंध में वैध लाइसेंस या दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी वैध कागजात पेश नहीं कर सके।

गिरफ्तार शुदा आरोपियों की सूची (सभी निवासी ग्राम सिगनूर)..
पकड़े गए सभी आरोपी कम उम्र के हैं, लेकिन उनके कारनामे बेहद चौंकाने वाले हैं। प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि इन सभी आरोपियों पर पूर्व में भी आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार रखने और बनाने) के कई गंभीर प्रकरण दर्ज हैं:

  1. विकास सिंह पिता सूरजसिंह सिकलीगर (उम्र 19 साल)
  2. कान्हा पिता धर्मसिंह सिकलीगर (उम्र 30 साल)
  3. सूरजसिंह पिता चंदा सिंह सिकलीगर (उम्र 40 साल)
  4. गुरूबादलसिंह पिता दगलसिंह सिकलीगर (उम्र 22 साल)
  5. रोशन सिंह पिता दगलसिंह (उम्र 19 साल)

जब्तशुदा मशरुका (सामग्री) और हथियारों का जखीरा..
पुलिस ने मौके से जो सामान जब्त किया है, उसकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 75 हजार रुपये आंकी जा रही है। जब्त सामान की सूची इस प्रकार है:

  • पूरी तरह तैयार फायर आर्म्स:
    09 हस्तनिर्मित (Handmade) देशी पिस्टल एवं 02 देशी कट्टे (कुल 11 चालू हथियार)।

  • अधबने हथियार और कलपुर्जे:
    02 अधबनी पिस्टल, 11 नग बैरल, 02 नग मैगजीन और 04 नग अधबनी मैगजीन।

फैक्टरी के औजार व मशीनरी: 03 नग ग्राइंडर मशीन, 12 नग घिसने की रेती, 02 नग मैगजीन बनाने के सांचे, 10 नग ग्राइंडर पत्ती, 08 नग पिस्टल के सांचे, 01 नग भट्टी ब्लोअर, 01 नग संडासी, 02 नग पेचकस, 01 नग हथौड़ी, 02 नग घिसने के सुजे, 02 नग चिमटा, 05 नग सुराख करने की कीलें और एक डिब्बा नट-बोल्ट। यह एक बेहद संगठित नेटवर्क था। पुलिस टीम ने सभी सामग्रियों को नियमानुसार विधिवत जब्त कर लिया है। पांचों आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 171/26 के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)(क) के अंतर्गत मामला पंजीकृत कर लिया गया है। अब रिमांड पर लेकर इनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है कि इन हथियारों की सप्लाई मध्य प्रदेश के अलावा किन-किन राज्यों में होने वाली थी- रविंद्र वर्मा (पुलिस अधीक्षक, खरगोन)

इस जांबाज पुलिस टीम को मिलेगी शाबाशी..
इस बेहद खतरनाक और महत्वपूर्ण रेड को सफलतापूर्वक अंजाम देने में एसडीओपी भीकनगाँव राकेश आर्य के कुशल मार्गदर्शन में दोनों थानों की टीम ने मुख्य भूमिका निभाई।

  • गोगावां थाना से:
    थाना प्रभारी उपनिरीक्षक दीपक यादव, उपनिरीक्षक रितेश तायड़े, उपनिरीक्षक भोजराज परमार, प्रधान आरक्षक परसराम, आरक्षक रितेश, आशीष, अभिषेक, विमल और चालक प्रधान आरक्षक मोहसिन।

  • सनावद थाना से:
    थाना प्रभारी उपनिरीक्षक धर्मेंद्र यादव, प्रधान आरक्षक गंभीर मीणा, आरक्षक सरदार निगम, राजीव गुर्जर, कृष्णा, राजेश, विनोद गौड, कैलाश, विशाल सोलंकी और राहुल निगवाल।

  • पुलिस लाइन व साइबर सेल:
    पुलिस लाइन से उपनिरीक्षक कमल दसौधी, आरक्षक सुमित, अजय, दीपक, हार्दिक और इस पूरे ऑपरेशन को तकनीकी रूप से ट्रैक करने वाले साइबर सेल के आरक्षक अभिलाष डोंगरे का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।