France में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन: Limoges Town Hall हुआ खाक
फ्रांस में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें। जानिए लिमोज टाउन हॉल, जेडी वेंस के बयान और फ्रांस की राजनीतिक स्थिति से जुड़ी पूरी जानकारी।
France Inflation Protest : फ्रांस में महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं अब भी जारी है। कई शहरों में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। इस दौरान दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं भी सामने आई। फ्रांस में छात्र आंदोलन के नाम पर शुरू हुई ये हिंसा अब धीरे धीरे गृहयुद्ध की तरफ बढ़ रही है।
लिमोज टाउन हॉल में लगी आग
फ्रांस के लिमोज शहर में ऐतिहासिक लिमोज टाउन हॉल को प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया और उसमें आग लगा दी। यह इमारत करीब 140 साल पुरानी है। नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने इमारत को तोड़कर अंदर घुसने के बाद आग लगा दी जिससे इमारत को भारी नुकसान पंहुचा। इसके अलावा मार्सिले और लिले में भी सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया गया है।
फ्रांस में महंगाई के खिलाफ जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच लिमोजेस के 140 साल पुराने टाउन हॉल में आग लगा दी गई। 1883 में बना यह ऐतिहासिक भवन 1975 से ऐतिहासिक स्थल के रूप में दर्ज था। #FranceProtest #Limoges #France #BreakingNews https://t.co/sFPAzU6PRi
— Public Vani News (@publicvaninews) October 18, 2026
महंगाई के विरोध से हिंसा तक पहुंचा प्रदर्शन
दरअसल, फ्रांस के विभिन्न शहरों में बढ़ती महंगाई के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं। इससे देश में राजनीतिक अनिश्चितता और गहरी हो गई है जबकि फ्रांस में छह महीने बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को बदलने के लिए चुनाव होने वाले हैं। इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल हुए है। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्तिथि भी सामने आई है। पेरिस समेत कई शहरों में दुकानों, वाहनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाया गया है।
फ़्रांस की राजधानी #पेरिस और देश के कई अन्य शहरों में बढ़ती महंगाई, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और जीवन-यापन के बढ़ते खर्च के ख़िलाफ हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं।#Paris #FranceProtests https://t.co/qDE9NeX3Hq
— YuvRAJ MeeNa (@mryuvimeena) October 18, 2026
जेडी वेंस के बयान को लेकर चर्चा
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट किया। इसमें उन्होंने फ्रांस में कथित हिंसा का जिक्र करते हुए विविधता, प्रवासन और सामाजिक एकीकरण से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी की थी।
उन्होंने लिखा, पश्चिमी उदारवादियों ने विविधता और करुणा के नाम पर 'तीसरी दुनिया' के लोगों को फ्रांस और अन्य देशों में ला बसाया। उन्होंने घुलने-मिलने और आपसी तालमेल जैसे बुनियादी सवालों को नजरअंदाज कर दिया। उन्हें पहले ही चेतावनी दी गई थी कि ऐसा हो सकता है, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी।
Western liberals imported the third world into France and other countries in the name of diversity and compassion. They ignored fundamental questions of assimilation and compatibility. They were told it would lead to this and they didn't listen. I pray that France, a beautiful country of amazing people, will stop this madness before more of its landmarks burn. And I hope Americans are paying attention. This is the future congressional Democrats seek for your country.
— JD Vance (@JDVance) October 18, 2026
मैं प्रार्थना करता हूँ कि फ्रांस—जो अद्भुत लोगों से भरा एक खूबसूरत देश है—इस पागलपन को तब तक रोक दे, जब तक कि उसके और भी महत्वपूर्ण स्थल जलकर खाक न हो जाएँ। और मुझे उम्मीद है कि अमेरिकी लोग इस पर ध्यान दे रहे होंगे। कांग्रेसनल डेमोक्रेट्स आपके देश के लिए यही भविष्य चाहते हैं।
PM लेकोर्नू ने की हिंसा की निंदा
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए इसे बेहद गंभीर बताया। उन्होंने शनिवार देर रात जानकारी दी कि हिंसा के दौरान 1,200 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 150 पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं।
राष्ट्रपति मैक्रों ने दी कड़ी चेतावनी
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि देश में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। सरकारी कार्यालयों, दुकानों और टाउन हॉल में तोड़फोड़ तथा लूटपाट करने वालों के खिलाफ मुकदमा चलाकर सजा दी जाएगी।
Aucune place pour la violence dans notre République. Ceux qui ont cassé, attaqué les préfectures comme les commerces, pillé jusqu’à nos mairies, seront poursuivis et punis. Aux forces de l’ordre, garantes du droit à manifester, je dis le soutien de la Nation. Nous ferons tous bloc face aux semeurs de chaos, qui ne cherchent qu’à abattre nos institutions et empêchent ceux qui expriment pacifiquement leurs revendications de le faire.
— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) October 17, 2026
मैक्रों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों का समर्थन करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन अराजकता फैलाने और सरकारी संस्थानों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

