Harmanpreet Kaur : हरमनप्रीत कौर ने अचानक विमेंस क्रिकेट टीम की कैप्टेंसी से दिया रिजाइन, बोलीं- अपना खेल भी किया कुर्बान

Harmanpreet Kaur Captaincy Resign : हाल ही में हरमन की ही लीडरशिप में भारत ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट इवेंट का गोल्ड मेडल जीता था। हरमनप्रीत कौर को मिताली राज के बाद महिला टीम की कमान सौंपी गई थी।

Harmanpreet Kaur : हरमनप्रीत कौर ने अचानक विमेंस क्रिकेट टीम की कैप्टेंसी से दिया रिजाइन, बोलीं- अपना खेल भी किया कुर्बान

Harmanpreet Kaur : स्पोर्ट्स डेस्क। भारत को 2025 का वर्ल्ड कप जिताने वाली दिग्गज क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला टीम की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। अब वह किसी भी फॉर्मेट में टीम की कप्तानी नहीं करेंगी। हरमनप्रीत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबी पोस्ट में लिखा, आज, मैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ रही हूं। 

हाल ही में हरमन की ही लीडरशिप में भारत ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट इवेंट का गोल्ड मेडल जीता था। हरमनप्रीत कौर को मिताली राज के बाद महिला टीम की कमान सौंपी गई थी। हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट से भारत की कप्तानी छोड़ने के बाद सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश भी लिखा। हरमन ने अपने दिल का दर्द बयां करते हुए कहा कि उनके लिए यह फैसला आसान नहीं था। इसमें बरसों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल शामिल हैं, जो जिंदगी भर मेरे साथ रहेंगे।

पोस्ट में हरमनप्रीत ने कही ये बात 

हरमनप्रीत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की गई पोस्ट में लिखा, आज, मैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ रही हूं। यह फैसला मेरे लिए आसान नहीं है, इसके साथ कई सालों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल जुड़े हैं, जो जीवन भर मेरे साथ रहेंगे। 

मैंने इस टीम और भारतीय महिला क्रिकेट के लिए अपना सब कुछ दिया है। अपना खून, पसीना, समय और कई बार अपने खेल के साथ-साथ निजी महत्वाकांक्षाओं का भी त्याग। ऐसे कई मौके आए जब मुझे अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन को पीछे रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना था कि टीम को सबसे पहले रखना जरूरी है।

एक कप्तान के तौर पर मुझे कई मुश्किल फैसले लेने पड़े। ऐसे फैसले जिन्हें हमेशा समझा नहीं गया, जो हमेशा आसान नहीं थे और कभी-कभी जिनकी व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी, लेकिन मैंने जो भी फैसला लिया, उसके पीछे सिर्फ एक मकसद था। इस टीम को बेहतर बनाना और दूसरी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, खुद पर विश्वास करने और अपना सर्वश्रेष्ठ बनने का मौका देना।

मैंने सब कुछ देखा है। मैंने सबसे बुरे दौर देखे हैं, दिल टूटने वाले पल देखे हैं, आलोचना और संदेह झेले हैं और ऐसे दिन भी देखे हैं जब कुछ भी हमारे पक्ष में नहीं जा रहा था, लेकिन मैंने सबसे ऊंचे पल भी महसूस किए हैं। जीत, जश्न, अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व और ऐसे पल, जिन्होंने हर त्याग को सार्थक बना दिया।

आज मैं कप्तानी छोड़ रही हूं तो मेरा दिल भावनाओं से भरा हुआ है, लेकिन इसके साथ एक सुकून भी है क्योंकि मुझे सच में विश्वास है कि मेरी टीम एक अच्छी जगह पर है। इस टीम में प्रतिभा है, चरित्र है, विश्वास है और एक ऐसा भविष्य है, जिसे देखने और जिसका हिस्सा बने रहने को लेकर मैं बेहद उत्साहित हूं। 

मुझे लगता है कि मैंने अपना फर्ज निभा दिया है।  मैंने इस टीम को अपना सब कुछ दिया।  मैंने इस जिम्मेदारी को गर्व के साथ निभाया और भारतीय महिला क्रिकेट की कप्तानी करने का मौका मिलने के लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगी। 

क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा

अब मेरे लिए पन्ना पलटने का समय है। कप्तानी आज खत्म हो सकती है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा। हर एक साथी खिलाड़ी, कोच, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, BCCI, परिवार के सदस्यों और हर उस प्रशंसक का शुक्रिया, जो अच्छे और बुरे दौर में मेरे साथ खड़ा रहा। खून, पसीना, त्याग, गर्व, मैंने अपना सब कुछ दे दिया। 

अब मैं फिर से सिर्फ खेल के प्यार के लिए खेलने के लिए तैयार हूं। 
कप्तानी खत्म... सफर जारी है।