देश का सबसे बड़ा IPO लाएगी जियो: हुंडई का टूटेगा रिकॉर्ड, 30 हजार करोड़ से ज्यादा जुटाने का प्लान
जियो का IPO 21 अक्टूबर को खुलने की तैयारी, 20 साल में रिलायंस ग्रुप का पहला IPO; 6G के लिए नए टावर लगाने की जरूरत नहीं होगी, आकाश अंबानी बोले- सॉफ्टवेयर अपडेट से काम चलेगा
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी Jio Platforms का IPO और आकाश अंबानी का 6G Technology को लेकर बयान इन दिनों चर्चा में है। कंपनी के IPO के 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुलने की संभावना बताई जा रही है। इसके जरिए करीब 30,213 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है।
अगर यह इश्यू तय आकार में आता है, तो यह भारतीय शेयर बाजार का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। वहीं, आकाश अंबानी ने कहा है कि भविष्य में 6G नेटवर्क शुरू करने के लिए कंपनी को बड़े पैमाने पर नए टावर लगाने की जरूरत नहीं पड़ सकती।
जियो के IPO से जुटाएंगे 30 हजार करोड़ से ज्यादा
Jio Platforms के IPO को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, कंपनी करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी कर सकती है। इसके लिए संभावित Price Band 1,065 से 1,119 रुपए प्रति शेयर रखा गया है। इस आधार पर कंपनी लगभग 30,213 करोड़ रुपए जुटा सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Anchor Investors यानी बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए 19 अक्टूबर से बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। आम निवेशकों के लिए IPO 21 अक्टूबर को खुलने और 23 अक्टूबर को बंद होने की संभावना है। शेयरों की Listing 28 अक्टूबर को हो सकती है।
हालांकि, IPO की तारीखों, शेयर की कीमत और अंतिम इश्यू साइज को लेकर जारी जानकारी में अंतर भी सामने आया है। इसलिए निवेश करने से पहले कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों और Stock Exchange पर जारी अंतिम विवरण की जांच करना जरूरी होगा।
हुंडई का रिकॉर्ड तोड़ सकता है जियो का IPO
अगर Jio Platforms का IPO करीब 30,213 करोड़ रुपए का होता है, तो यह देश का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। इससे पहले Hyundai Motor India ने अक्टूबर 2024 में करीब 27,859 करोड़ रुपए का IPO लॉन्च किया था। लंबे समय से यह भारतीय शेयर बाजार का सबसे बड़ा IPO रहा है।
जियो का IPO रिलायंस समूह के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे निवेशकों को कंपनी के डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार में सीधे हिस्सेदारी खरीदने का मौका मिलेगा। साथ ही, शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद कंपनी के कारोबार और वैल्यूएशन का आकलन करना भी आसान होगा।
IPO से मिलने वाली रकम का क्या होगा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, Jio Platforms के IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल रिलायंस समूह अपने टेलीकॉम कारोबार की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकता है। उपलब्ध जानकारी में करीब 27,500 करोड़ रुपए का इस्तेमाल Reliance Jio Infocomm के कर्ज को चुकाने के लिए किए जाने की बात कही गई है। बची हुई रकम का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
यह IPO कंपनी के नए शेयर जारी करने के जरिए लाया जाना प्रस्तावित है। ऐसे इश्यू को Fresh Issue कहा जाता है। इसमें मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचने के बजाय कंपनी नए शेयर जारी करती है और उससे मिलने वाली रकम कंपनी के पास जाती है। हालांकि, रकम के इस्तेमाल और इश्यू की अंतिम शर्तों की पुष्टि के लिए कंपनी के अंतिम IPO दस्तावेजों को देखना जरूरी होगा।
आकाश अंबानी का 6G Technology पर बड़ा दावा
IPO की चर्चा के बीच Jio Platforms के मैनेजिंग डायरेक्टर Akash Ambani का 6G Technology को लेकर बयान भी सुर्खियों में है। उनके मुताबिक, भविष्य में 6G नेटवर्क शुरू करने के लिए कंपनी को हर जगह नए टावर लगाने या पूरा नेटवर्क दोबारा तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ सकती।
आकाश अंबानी ने बताया कि टेलीकॉम सेक्टर में 3G, 4G और 5G के विस्तार के दौरान नेटवर्क तैयार करने, टावर लगाने और दूसरी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने में काफी समय और पैसा खर्च हुआ। लेकिन 6G के मामले में मौजूदा नेटवर्क और तकनीक का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।
उनके बयान का मुख्य संकेत यह है कि Software Update और नेटवर्क में तकनीकी बदलाव की मदद से भविष्य की सेवाओं को शुरू करना पहले की तुलना में आसान हो सकता है। इससे टेलीकॉम कंपनियों की लागत घटाने और नई तकनीक को तेजी से लागू करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, 6G की शुरुआत केवल मोबाइल में सॉफ्टवेयर अपडेट करने से हो जाएगी, इसे अभी तय तकनीकी तथ्य नहीं माना जा सकता। वास्तविक जरूरतें नेटवर्क की क्षमता, Spectrum, Hardware, मोबाइल डिवाइस और भविष्य में तय होने वाले तकनीकी मानकों पर निर्भर करेंगी।
10 करोड़ घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य
Jio का एक बड़ा लक्ष्य देश के 10 करोड़ घरों तक Broadband Service पहुंचाना भी है। इसके जरिए कंपनी ज्यादा से ज्यादा घरों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ना चाहती है। ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान, मनोरंजन, कामकाज और अन्य इंटरनेट सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल से ब्रॉडबैंड की मांग में भी इजाफा हो रहा है।
कंपनी का डिजिटल नेटवर्क इस विस्तार में अहम भूमिका निभा सकता है। घरों तक इंटरनेट पहुंचाने के साथ-साथ बेहतर नेटवर्क क्षमता और नई तकनीकों पर काम करना भी कंपनी की रणनीति का हिस्सा है।
सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में जियो मजबूत
Jio Platforms, Reliance Industries के डिजिटल कारोबार का प्रमुख हिस्सा है। इसके नेटवर्क के जरिए देशभर में करोड़ों ग्राहक मोबाइल इंटरनेट और दूसरी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। कंपनी 5G तकनीक, Cloud Services और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कारोबार में भी सक्रिय है।
अब IPO के जरिए कंपनी की बाजार में नई पहचान बनने की संभावना है। एक तरफ निवेशकों की नजर शेयर की कीमत और कंपनी की Valuation पर रहेगी, तो दूसरी तरफ 6G जैसी अगली पीढ़ी की तकनीक को लेकर जियो की तैयारी भी महत्वपूर्ण होगी।
कुल मिलाकर, Jio Platforms का प्रस्तावित IPO भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ा घटनाक्रम हो सकता है। वहीं, 6G को लेकर आकाश अंबानी का बयान भविष्य में टेलीकॉम नेटवर्क के विकास की दिशा का संकेत देता है। हालांकि, IPO की अंतिम शर्तों और 6G के वास्तविक तकनीकी स्वरूप को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
Varsha Shrivastava 
