मऊगंज में NDPS एक्ट के तहत पहली बड़ी कार्रवाई,: 22 आपराधिक मामलों वाले आरोपी को एक साल के लिए किया निरुद्ध
मऊगंज में ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत पीआईटी एनडीपीएस एक्ट में पहली निरोधात्मक कार्रवाई। दिनेश साकेत को एक साल के लिए निरुद्ध कर केंद्रीय जेल भोपाल भेजा गया।
राजेंद्र पयासी@मऊगंज
मऊगंज। जिले में अवैध मादक पदार्थों के संग्रहण, परिवहन और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत पुलिस ने पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत पहली निरोधात्मक कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में 22 आपराधिक प्रकरणों में नामजद आरोपी दिनेश साकेत को एक साल के लिए निरुद्ध करने का आदेश जारी किया गया है। आदेश के पालन में आरोपी को गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल भोपाल भेजा गया है।
पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत के निर्देशन, उपमहानिरीक्षक रीवा रेंज हेमंत चौहान के मार्गदर्शन और मऊगंज पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
कलेक्टर के पास भेजा गया था प्रतिवेदन
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों के आधार पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मऊगंज संजय कुमार जैन को PIT NDPS एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई के लिए विस्तृत प्रतिवेदन भेजा था। इसमें आरोपी के विरुद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरणों और उपलब्ध तथ्यों का उल्लेख किया गया था।
प्रकरण का परीक्षण करने के बाद कलेक्टर ने प्रस्ताव आयुक्त रीवा संभाग को भेजा। इसके बाद आरोपी को एक वर्ष की अवधि के लिए निरुद्ध कर केंद्रीय जेल भोपाल में रखने का आदेश पारित किया गया।
पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
आदेश के पालन में पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना प्रभारी मऊगंज निरीक्षक अजय खोबरागड़े की टीम ने आरोपी दिनेश उर्फ ददोल उर्फ ददौली साकेत (45 वर्ष), निवासी ग्राम बहेरी नानकार, थाना मऊगंज को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे केंद्रीय जेल भोपाल के लिए रवाना कर दिया गया।
आरोपी के खिलाफ दर्ज हैं 22 आपराधिक प्रकरण
पुलिस के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध जिले के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 21 और 22 सहित भारतीय दंड संहिता एवं भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत कुल 22 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन प्रहार 2.0 का उद्देश्य अवैध मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना और अपराधों की पुनरावृत्ति रोकना है।

