अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले राहुल-प्रियंका गांधी, जमीन पर बैठकर सुनी बात; दुष्यंत गौतम की नियुक्ति का विरोध
अंकिता भंडारी के माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठे हैं। परिवार ने दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक और कथित VIP की पहचान से जुड़े सवालों की जांच की मांग की है।
उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच बुधवार शाम राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अंकिता के माता-पिता से मिलने इंडिया गेट पहुंचे। राहुल गांधी परिवार के साथ जमीन पर बैठकर उनकी बात सुनते नजर आए, जबकि प्रियंका गांधी ने अंकिता की मां को गले लगाकर सांत्वना दी। परिवार दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का विरोध कर रहा है।
अंकिता के माता-पिता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की है कि CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए और इसे रद्द किया जाए। परिवार का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने तक ऐसी नियुक्ति नहीं होनी चाहिए, जिससे जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठें। दुष्यंत गौतम को 12 अक्टूबर 2026 को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।
'अंकिता की मां ने क्या कहा?'
अंकिता की मां सोनी देवी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद उनकी चिंता बढ़ गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामले में VIP को लेकर सवाल बने हुए हैं, तो परिवार न्याय के लिए किसके पास जाए।
सोनी देवी के मुताबिक, परिवार उत्तराखंड से दिल्ली आया है ताकि अपनी बात देश के सामने रख सके। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हुई, लेकिन आम लोगों ने लगातार उनका साथ दिया है। परिवार को उम्मीद है कि जनता आगे भी उनका समर्थन करेगी और अंकिता को न्याय दिलाने की मांग उठाती रहेगी।
अंकिता के पिता ने उठाए छह सवाल
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने मामले की जांच को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हत्याकांड में दोषियों को सजा मिलने के बावजूद कथित VIP की पहचान से जुड़े सवालों का जवाब मिलना बाकी है।
1. कथित VIP की पहचान अब तक क्यों नहीं हुई?
परिवार का कहना है कि अंकिता के फोन की चैट में एक VIP को अतिरिक्त सुविधाएं देने से जुड़ी बातचीत का जिक्र था। पिता चाहते हैं कि इस पहलू की जांच कर संबंधित व्यक्ति की पहचान स्पष्ट की जाए।
2. उर्मिला सनावर के वीडियो में लिए गए नामों की जांच हो
वीडियो और ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बयानों में कथित VIP को लेकर कुछ नामों का जिक्र हुआ। अंकिता के परिवार ने इन दावों की जांच की मांग की है। इन वीडियो में लगाए गए आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
3. सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जांच की मांग
पिता के अनुसार, परिवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान CBI जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की थी। उनका कहना है कि जांच की प्रगति के बारे में उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं मिली है।
4. पुराने गवाहों के बयान दोहराने के बजाय जांच आगे बढ़े
परिवार का आरोप है कि जांच के दौरान पहले से दर्ज गवाहों के बयान दोहराने की बात कही गई। पिता चाहते हैं कि जांच में नए तथ्यों और कथित VIP से जुड़े पहलुओं पर ध्यान दिया जाए।
5. उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर से पूछताछ हो
परिवार की मांग है कि वायरल वीडियो से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए जाएं और सामने आए दावों की जांच हो। पिता ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जानी चाहिए।
6. पुलकित आर्य के फोन की जांच पर सवाल
वीरेंद्र सिंह भंडारी ने आरोप लगाया कि मामले की जांच के दौरान पुलकित आर्य के फोन से जुड़ी कुछ जानकारियों की पड़ताल ठीक से नहीं हुई। परिवार चाहता है कि फोन और उससे संबंधित डिजिटल साक्ष्यों की जांच के पहलू को भी स्पष्ट किया जाए।
ये सभी परिवार की ओर से उठाए गए सवाल और आरोप हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और जांच की स्थिति को संबंधित एजेंसियों के रिकॉर्ड से स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
आखिर अंकिता भंडारी केस में दुष्यंत गौतम का नाम कैसे आया?
18 सितंबर 2022 को उत्तराखंड के पौड़ी जिले में वनंत्रा रिजॉर्ट में काम करने वाली 19 साल की अंकिता भंडारी की हत्या हुई थी। मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई। मुकदमे के दौरान VIP को अतिरिक्त सुविधाएं देने का मुद्दा भी चर्चा में आया था।
दिसंबर 2025 में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के बीच बातचीत के कथित ऑडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए। इनसे जुड़े दावों में दुष्यंत कुमार गौतम और अजय कुमार के नाम कथित VIP के तौर पर लिए गए। इसके बाद मामले की दोबारा जांच की मांग तेज हुई।
दुष्यंत कुमार गौतम ने आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया। जनवरी 2026 में उन्होंने सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून में FIR दर्ज कराई। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी जनवरी में मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित आरोपों वाले कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो हटाने तथा ऐसी सामग्री के प्रसार पर अंतरिम रोक लगाने के निर्देश दिए थे। अदालत के आदेश में गौतम की ओर से यह दलील भी दर्ज है कि जांच एजेंसी या अदालत ने उन्हें अंकिता हत्याकांड से नहीं जोड़ा था।
अब न्याय की मांग लेकर दिल्ली पहुंचा परिवार
अंकिता के माता-पिता की मांग है कि CBI जांच में कथित VIP से जुड़े सवालों का जवाब सामने आए और जांच की प्रगति की जानकारी परिवार को दी जाए। इंडिया गेट पर धरने के जरिए परिवार अपनी मांग राष्ट्रपति और केंद्र सरकार तक पहुंचाना चाहता है।
राहुल गांधी की अंकिता के माता-पिता से प्रस्तावित मुलाकात के बीच यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। अब देखना होगा कि परिवार की मांगों पर जांच एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।

