इंदौर IDA पर कांग्रेस ने लगाया दोहरे रवैये का आरोप : राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए 14 लाख रुपये से अधिक शुल्क वसूलने पर उठाए सवाल
Indore News : कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि प्राधिकरण स्पष्ट करे कि अलग-अलग आयोजनों के लिए शुल्क निर्धारित करने का आधार क्या है और इस मामले में अलग-अलग नियम क्यों अपनाए जा रहे हैं।
Indore News : मध्य प्रदेश। इंदौर विकास प्राधिकरण पर कांग्रेस ने दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी के छात्रों के गूंज कार्यक्रम के लिए रीजनल पार्क के सामने स्थित मैदान का इस्तेमाल करने पर 14 लाख रुपये से अधिक शुल्क वसूला गया, जबकि विजय नगर चौराहे पर भाजपा के कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल हुए मैदान का कोई शुल्क नहीं लिया गया। करीब दो घंटे चले प्रदर्शन के बाद प्राधिकरण के सीईओ परीक्षित झाड़े ने कांग्रेस नेताओं से मुलाकात कर शुल्क नहीं लेने की वजह स्पष्ट की।
ये है पूरा मामला
दरअसल, इंदौर विकास प्राधिकरण के कार्यालय पर कांग्रेस ने मैदानों के उपयोग के लिए शुल्क वसूलने की प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के छात्रों के गूंज कार्यक्रम के लिए रीजनल पार्क के सामने स्थित खाली मैदान का उपयोग करने पर 14 लाख रुपये से अधिक की राशि वसूली गई थी। वहीं, कुछ दिन पहले विजय नगर चौराहे पर प्राधिकरण के खाली मैदान में भारतीय जनता पार्टी के संकल्प ज्योति अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया, लेकिन इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया गया।

कांग्रेस ने रीजनल पार्क के सामने लगने वाली पटाखा दुकानों के लिए मैदान के व्यावसायिक उपयोग पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि प्राधिकरण स्पष्ट करे कि अलग-अलग आयोजनों के लिए शुल्क निर्धारित करने का आधार क्या है और इस मामले में अलग-अलग नियम क्यों अपनाए जा रहे हैं।
वहीं करीब दो घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के बाद प्राधिकरण के सीईओ परीक्षित झाड़े प्रदर्शनकारी कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करने पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि विजय नगर चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम मुख्यमंत्री के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी शासकीय कार्यक्रम था, इसलिए उसका शुल्क नहीं लिया जा सकता था।
वहीं, रीजनल पार्क के सामने पटाखा दुकानों के लिए निर्धारित शुल्क भूमि की उपयोगिता और उपयोग के आधार पर लिया जाता है। सीईओ के मुताबिक, दुकानदारों ने निर्धारित शुल्क जमा कर दिया है। पिछले वर्ष का बकाया शुल्क भी जमा कराया गया है।

