भंवरकुआं में धरना दे रहे छात्रों से मिले सज्जन सिंह वर्मा: छतरियां देकर बढ़ाया हौसला, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
Indore Student Protest : छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें धरनास्थल पर छाया के लिए सीलिंग लगाने से रोका और छात्राओं के साथ भी धक्कामुक्की की। सज्जन सिंह वर्मा ने इस मामले को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
Indore Student Protest : मध्य प्रदेश। इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर टंट्या भील की प्रतिमा के नीचे पिछले पांच दिनों से धरने पर बैठे छात्रों के समर्थन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा पहुंचे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को सज्जन सिंह वर्मा ने छतरियां भेंट कीं और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
इस दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें धरनास्थल पर छाया के लिए सीलिंग लगाने से रोका और छात्राओं के साथ भी धक्कामुक्की की। सज्जन सिंह वर्मा ने इस मामले को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वहीं, मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने भाजपा नेता सत्यनारायण सत्तन के नशे के मुद्दे पर दिए गए बयानों, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश सरकार को लेकर भी तीखे बयान दिए।
ये है पूरा मामला
दरअसल, इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर टंट्या भील की प्रतिमा के नीचे चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन को पांच दिन हो चुके हैं। छात्र मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। लगातार धूप में बैठकर प्रदर्शन करने के कारण छात्रों की तबीयत बिगड़ने की बात भी सामने आई है।
छात्रों का आरोप है कि गुरुवार को जब वे धरनास्थल पर धूप से बचने के लिए सीलिंग बांध रहे थे, तभी सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी बताने वाले कुछ लोग वहां पहुंचे और सीलिंग छीन ली। छात्रों ने आरोप लगाया कि इस दौरान कुछ छात्राओं के साथ भी धक्कामुक्की की गई और मौके पर महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं। घटना की जानकारी मिलने के बाद सज्जन सिंह वर्मा ने छात्रों से फोन पर चर्चा की थी।
इसके बाद वे आज धरनास्थल पर छतरियां लेकर पहुंचे और छात्रों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आगे भी हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। छात्रों के आरोपों का जिक्र करते हुए वर्मा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे को लेकर जारी विरोध का हवाला देते हुए छात्रों के प्रदर्शन के प्रति समर्थन जताया।
CEC ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप
सज्जन सिंह वर्मा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को लोकतंत्र और संविधान के लिए नुकसानदेह बताते हुए आरोप लगाया कि उनकी भूमिका से भाजपा को राजनीतिक लाभ मिला है। ये आरोप सज्जन सिंह वर्मा ने मीडिया से चर्चा के दौरान लगाए।
वहीं छात्रों के धरने के अलावा सज्जन सिंह वर्मा ने भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन द्वारा प्रदेश में नशे की समस्या को लेकर चिंता जताए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। सत्तन की ओर से पुलिस अधिकारियों से मुलाकात किए जाने के संदर्भ में वर्मा ने कहा कि जिस तरह दो चुनाव आयुक्तों की आत्मा जागृत हुई है, उसी तरह अब भाजपा नेताओं की आत्मा भी जागृत हो रही है।
युवाओं की समस्याएं नहीं सुन रही सरकार
उन्होंने कहा कि सत्यनारायण सत्तन जो सच है, वही बोलते हैं। वर्मा के मुताबिक, प्रदेश का युवा विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन सरकार उसे नशे की ओर धकेल रही है। उन्होंने कहा कि सत्तन की आत्मा देर से जागी, लेकिन अब जाग गई है। इस दौरान उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी निशाना साधा।
वर्मा ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री और प्रशासन समस्याएं नहीं सुन रहे हैं, तो विजयवर्गीय को मंत्री पद छोड़कर जनता के बीच आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्री पद पर बने रहने के बजाय मैदान में उतरकर जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष करना चाहिए।
ओएसडी पर लगे आरोपों की हो जांच
इस दौरान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के ओएसडी पर लगे आरोपों को लेकर भी सज्जन सिंह वर्मा ने जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मंत्रियों और उनके रिश्तेदारों की संपत्ति की जांच होनी चाहिए, ताकि उनकी जमीन और संपदा में हुई कथित वृद्धि की वास्तविकता सामने आ सके। वर्मा ने दावा किया कि यदि मध्य प्रदेश के मंत्रियों की संपत्ति की तलाशी ली जाए, तो सामने आने वाली संपदा से देश के आधे किसानों का कर्ज माफ किया जा सकता है।
फिलहाल, भंवरकुआं पर छात्रों का धरना जारी है। छात्रों ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को लेकर कार्रवाई की मांग की है, जबकि सज्जन सिंह वर्मा ने उनके आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं।

