Aircraft Purchase Controversy : 600 करोड़ के विमान-हेलीकॉप्टर खरीद पर कांग्रेस का हमला, मुकेश नायक ने सरकार से मांगा खर्च का हिसाब
Aircraft Purchase Controversy : मध्यप्रदेश में जेट विमान और हेलीकॉप्टर खरीद पर कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने सवाल उठाए। खरीद लागत, इंटीरियर खर्च और कथित कमीशन के आरोपों की जांच की मांग की।
Aircraft Purchase Controversy : भोपाल। मध्यप्रदेश में जेट विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक (Mukesh Nayak) ने भाजपा सरकार पर सार्वजनिक धन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब नियमित हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं, तो सरकार को इतने महंगे विमान और हेलीकॉप्टर खरीदने की जरूरत क्यों पड़ी? कांग्रेस ने खरीद प्रक्रिया, कुल लागत और अतिरिक्त खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है।
विमान- हेलीकॉप्टर की कीमत पर उठाए सवाल
मुकेश नायक के अनुसार, 10 जुलाई 2024 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में एक जेट विमान और एक हेलीकॉप्टर खरीदने पर सहमति बनी थी। उन्होंने बताया कि जेट विमान की शुरुआती कीमत करीब 234 करोड़ रुपये से बढ़कर 350 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं, हेलीकॉप्टर की शुरुआती कीमत 125 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर करीब 225 करोड़ रुपये बताई गई। इस तरह दोनों की कुल लागत लगभग 575 करोड़ रुपये होती है। कांग्रेस ने कीमतों में इस अंतर का विस्तृत हिसाब मांगा है।
इंटीरियर- अतिरिक्त खर्च की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि विमान के इंटीरियर पर करीब 60 करोड़ रुपये और हेलीकॉप्टर के इंटीरियर पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। उन्होंने सरकार से कस्टम ड्यूटी, जीएसटी, बीमा, इंटीरियर और अन्य मदों में हुए वास्तविक भुगतान का विवरण जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि निविदा, अनुबंध और भुगतान से जुड़े दस्तावेज भी सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
पेंशन और जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी सवाल
मुकेश नायक ने कहा कि प्रदेश में कर्ज, महंगाई और ब्याज का बोझ आम जनता को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में सरकार की खर्च संबंधी प्राथमिकताओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा, विधवा, दिव्यांग और निराश्रित पेंशन के भुगतान में देरी की शिकायतों का उल्लेख किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि कुपोषण, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं पर ध्यान देने के साथ जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिलनी चाहिए।
नल-जल योजना और अधूरी परियोजनाओं का मुद्दा उठाया
कांग्रेस ने सतना और मैहर की नल-जल योजना का भी मुद्दा उठाया। मुकेश नायक ने दावा किया कि 3,200 करोड़ रुपये की योजना में बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद गांवों तक पानी नहीं पहुंचने की शिकायतें हैं। उन्होंने सरकार से परियोजना की मौजूदा स्थिति, पूरे हुए काम और बाकी कार्यों की समयसीमा बताने की मांग की। उन्होंने अधूरी सड़क, सिंचाई, मेट्रो और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के लिए धन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
कथित कमीशन के आरोपों की जांच की मांग
मुकेश नायक ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी विमान और हेलीकॉप्टर खरीद को लेकर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने खरीद में 100 करोड़ रुपये के कथित कमीशन का आरोप सामने आने का उल्लेख करते हुए सरकार से दस्तावेजों के आधार पर जवाब देने की मांग की। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कांग्रेस ने कहा कि यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
जनता के पैसे का हिसाब दे सरकार: कांग्रेस
मुकेश नायक ने मीडिया से अपील की कि विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद के साथ प्रदेश की आर्थिक स्थिति, लंबित भुगतान और अधूरी परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता दी जाए। उन्होंने कहा कि जनता के कर से प्राप्त धन का इस्तेमाल जनहित की जरूरतों को ध्यान में रखकर होना चाहिए। कांग्रेस ने सरकार से खरीद की लागत, अतिरिक्त खर्च और पूरी प्रक्रिया का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग दोहराई है।

