भुवी की हुई वापसी, अब शमी की बारी? बुमराह के आराम से खुल सकता है टीम इंडिया का दरवाजा
भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी के बाद अब मोहम्मद शमी की वापसी की चर्चा तेज है. बुमराह को आराम मिलने पर न्यूजीलैंड ODI सीरीज में शमी को मौका मिल सकता है.
Ind vs NZ: भारतीय क्रिकेट टीम में 4 साल के लंबे इंतजार के बाद भुवनेश्वर कुमार की वापसी हुई है. न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 सीरीज के लिए भुवी को टीम में शामिल किया गया है. अब उनके बाद मोहम्मद शमी की वापसी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. शमी लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर हैं. लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं.
4 साल बाद भुवनेश्वर की वापसी
भुवनेश्वर कुमार ने करीब 4 साल बाद भारतीय T20I टीम में वापसी की है। IPL में लगातार अच्छे प्रदर्शन का उन्हें इनाम मिला है. RCB के लिए खेलते हुए भुवी ने पिछले दो सीजन में शानदार गेंदबाजी की और अपनी उपयोगिता साबित की.
अब भुवनेश्वर की वापसी के बाद सबसे बड़ा सवाल मोहम्मद शमी को लेकर है. शमी ने मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद से भारत के लिए कोई मुकाबला नहीं खेला है. हालांकि, इस दौरान उन्होंने घरेलू क्रिकेट में जमकर मेहनत की है.
क्या शमी को मिलेगा मौका?
न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत की ODI और टेस्ट टीम का ऐलान अभी बाकी है. ODI सीरीज के आखिरी दो मुकाबले 13 और 15 नवंबर को खेले जाने हैं, जबकि पहला टेस्ट 19 नवंबर से शुरू होगा.
टेस्ट सीरीज को देखते हुए टीम मैनेजमेंट जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड को मैनेज कर सकता है, अगर बुमराह को आखिरी दो ODI से आराम दिया जाता है, तो उनकी जगह मोहम्मद शमी को टीम में शामिल किए जाने की संभावना बन सकती है.
हालांकि, अभी इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.घरेलू क्रिकेट में शमी का तूफानी प्रदर्शन
शमी का IPL में पिछला प्रदर्शन भले ही उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा हो, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने शानदार गेंदबाजी की है. 2025-26 रणजी सीजन में शमी ने 7 मैचों में 37 विकेट अपने नाम किए. इसके अलावा विजय हजारे ट्रॉफी में 7 मैचों में 15 विकेट और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 7 मैचों में 16 विकेट झटके.
दलीप ट्रॉफी में भी उन्होंने ईस्ट जोन के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट हासिल किए. उनके प्रदर्शन की बदौलत ईस्ट जोन ने लंबे इंतजार के बाद खिताब अपने नाम किया.
भुवी और शमी की गेंदबाजी में फर्क
भुवनेश्वर कुमार ने अपनी कम होती रफ्तार को कमजोरी नहीं बनने दिया है. वह नई गेंद से स्विंग और डेथ ओवर्स में अपनी वैरिएशन के दम पर बल्लेबाजों को परेशान कर रहे हैं. वहीं मोहम्मद शमी की सबसे बड़ी ताकत नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता है. शमी के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव भी है. उन्होंने भारत के लिए 64 टेस्ट, 101 ODI और 23 T20 मुकाबले खेले हैं. यही अनुभव न्यूजीलैंड के खिलाफ ODI सीरीज में टीम इंडिया के लिए उपयोगी साबित हो सकता है.
शमी की वापसी की उम्मीद बरकरार
शमी खुद भी भारतीय टीम में वापसी के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं. दलीप ट्रॉफी के दौरान उन्होंने कहा था कि इस स्तर पर खिलाड़ी को खुद से मोटिवेटेड रहना चाहिए और उसकी नजर हमेशा अगले लेवल पर होनी चाहिए.
बंगाल के कोच और पूर्व भारतीय क्रिकेटर लक्ष्मी रतन शुक्ला भी शमी की फिटनेस और गेंदबाजी से प्रभावित हैं. उनका मानना है कि शमी अभी भी युवा गेंदबाज की तरह गेंदबाजी कर रहे हैं और वह दोबारा भारत के लिए खेल सकते हैं.
क्या टीम इंडिया में होगी शमी की वापसी?
भुवनेश्वर कुमार की वापसी से यह जरूर संकेत मिला है कि टीम से लंबे समय तक बाहर रहने वाले अनुभवी खिलाड़ियों के लिए वापसी का रास्ता बंद नहीं है. हालांकि, भुवी और शमी की स्थिति अलग है और दोनों की जरूरत भी अलग-अलग हो सकती है.
अगर जसप्रीत बुमराह को न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी दो ODI में आराम दिया जाता है, तो मोहम्मद शमी के लिए यह बड़ा मौका हो सकता है। घरेलू क्रिकेट में वह अपना काम कर चुके हैं। अब नजर सिलेक्टर्स के फैसले पर होगी.

