शिवराज सिंह चौहान कल करनाल से करेंगे ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत, 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने कालक्ष्य

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 22 अक्टूबर को करनाल से 40 दिवसीय ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू करेंगे। अभियान के तहत 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने और मिट्टी की सेहत सुधारने का लक्ष्य है।

शिवराज सिंह चौहान कल करनाल से करेंगे ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत, 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने कालक्ष्य

नई दिल्ली/करनाल। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान 22 अक्टूबर को हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी से देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत करेंगे। 40 दिनों तक चलने वाला यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसका उद्देश्य मिट्टी की सेहत सुधारना, खेती की लागत कम करना और किसानों को टिकाऊ खेती के तरीकों के प्रति जागरूक करना है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मुताबिक, अभियान के तहत देशभर में करीब 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और ‘आत्मा’ की 4,150 से ज्यादा संयुक्त टीमें मैदान में उतरेंगी। इन टीमों में 12 हजार से अधिक कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी शामिल होंगे, जो गांवों में किसान चौपाल, प्रशिक्षण कार्यक्रम और खेतों में प्रदर्शन के जरिए किसानों को जानकारी देंगे।

किसानों के साथ खेतों में करेंगे चर्चा

अभियान के शुभारंभ के मौके पर शिवराज सिंह चौहान किसानों के साथ खेतों में चौपाल चर्चा करेंगे। इस दौरान पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा। कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और केंद्र व राज्य सरकार के कृषि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

मिट्टी की जांच से लेकर पराली प्रबंधन तक पर जोर

‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को चार प्रमुख बातों पर ध्यान देने के लिए जागरूक किया जाएगा। पहली, मिट्टी की जांच कराकर उसकी जरूरत के मुताबिक ही खाद का इस्तेमाल करना। दूसरी, पराली जलाने के बजाय उसे मिट्टी में मिलाकर खाद के रूप में उपयोग करना। तीसरी, धान और गेहूं के साथ दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों को शामिल कर फसल चक्र अपनाना। चौथी, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ पीएम-किसान, फसल बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी योजनाओं का लाभ लेना।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से अपील की है कि वे मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और खेती को टिकाऊ बनाने के लिए इन उपायों को अपनाएं। उनका कहना है कि खेत की मिट्टी स्वस्थ रहेगी, तभी किसान की समृद्धि का रास्ता मजबूत होगा।

पिछली बार 93 लाख से ज्यादा किसानों ने लिया था हिस्सा

मंत्रालय के अनुसार, पिछले खरीफ सीजन में 93 लाख से अधिक किसानों ने अभियान में भाग लिया था। इस बार इसे और व्यापक स्तर पर ले जाने की योजना है। वैज्ञानिकों और कृषि अधिकारियों की टीमें ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचकर किसानों को मिट्टी की सेहत, संतुलित उर्वरक उपयोग, फसल विविधीकरण और पराली प्रबंधन के बारे में जानकारी देंगी।

अभियान का मुख्य संदेश है—‘खेत बचेगा, तभी किसान समृद्ध होगा।’ इसके जरिए किसानों को ऐसी खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहे, प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो और लंबे समय तक कृषि उत्पादन को बनाए रखा जा सके।