Udaipur School Hadsa: 32 बच्चों के बीच टूटी छत, प्लास्टर गिरने से 5 घायल; भवन पर लगा ताला
उदयपुर के भींडर क्षेत्र के नारदा गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई के दौरान छत का प्लास्टर अचानक गिर गया। हादसे के वक्त कमरे में करीब 32 बच्चे मौजूद थे। प्लास्टर की चपेट में आने से पांच बच्चे घायल हुए, जिनमें तीन के सिर में चोट लगी। हादसे के बाद स्कूल भवन को बंद कर दिया गया और बच्चों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। जर्जर भवन की स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है।
Udaipur School Hadsa: उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले के भींडर क्षेत्र में 6 अक्टूबर मंगलवार को सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा टल गया। वाणियातलाई ग्राम पंचायत के नारदा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई के दौरान अचानक छत का प्लास्टर नीचे गिर गया। उस समय कमरे में करीब 32 बच्चे मौजूद थे। हादसे में 5 बच्चे घायल हुए, जिनमें 3 के सिर में चोट लगी।
पढ़ाई के बीच अचानक गिरा मलबा
हादसा मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हुआ। उस समय अलग-अलग कक्षाओं के बच्चे एक ही कमरे में पढ़ाई कर रहे थे। अचानक छत का प्लास्टर तेज आवाज के साथ नीचे आ गिरा। इससे कमरे में मौजूद बच्चों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
प्लास्टर की चपेट में आने से पहली कक्षा की कृष्णा कुमारी और कार्तिक सहित 5वीं कक्षा के गणेशलाल के सिर में चोट लगी। तीनों को तत्काल भींडर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। दो अन्य बच्चों को भी मामूली चोटें आईं।
जर्जर भवन की सूचना पहले दी थी
विद्यालय के प्रधानाध्यापक लालसिंह शक्तावत के मुताबिक स्कूल में पहली से 5वीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं और कुल 37 बच्चे नामांकित हैं। स्कूल भवन की हालत खराब होने की जानकारी शिक्षा विभाग को पहले ही दी जा चुकी थी।
जानकारी के अनुसार, भवन का निर्माण साल 2001 में हुआ था। विद्यालय में दो कमरे और एक बरामदा है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि भवन की पिछली मरम्मत साल 2020 में हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि भवन के कई हिस्सों की स्थिति लंबे समय से खराब है।
हादसे के बाद बंद किया स्कूल
घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल भवन को बंद कर दिया गया और मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया। अब बच्चों की कक्षाएं माताजी के चबूतरे के पास वैकल्पिक स्थान पर संचालित की जाएंगी।
घटना की जानकारी मिलने पर भींडर के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार चौबीसा भी मौके पर पहुंचे और स्कूल भवन का जायजा लिया। हादसे के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
पुराने भवनों की सुरक्षा पर फिर सवाल
नारदा स्कूल की घटना ने राजस्थान में सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। 25 जुलाई 2025 को झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में सरकारी स्कूल भवन का हिस्सा गिरने से सात बच्चों की मौत हुई थी और कई बच्चे घायल हुए थे। उस हादसे के बाद स्कूल भवनों की सुरक्षा और जर्जर इमारतों की जांच को लेकर राज्य में बड़े स्तर पर सवाल उठे थे।
नारदा में इस बार पूरी छत नहीं गिरी, लेकिन कक्षा के दौरान प्लास्टर का हिस्सा गिरने से पांच बच्चों का घायल होना बताता है कि स्कूल भवन की सुरक्षा को नजरअंदाज करना कितना जोखिम भरा हो सकता है। फिलहाल स्कूल भवन बंद कर दिया गया है और बच्चों की पढ़ाई वैकल्पिक स्थान पर कराने की व्यवस्था की गई है।

