भोपाल में विद्युत संविदा कर्मियों का नियमितीकरण के लिए विरोध प्रदर्शन
भोपाल में विद्युत संविदा कर्मियों ने 49263 नए पदों की भर्ती से पहले नियमितीकरण की मांग को लेकर आंबेडकर पार्क में विरोध प्रदर्शन किया।
2 नवम्बर को भोपाल के आंबेडकर पार्क में प्रदेश के 55 जिलों से हजारों विद्युत संविदा कर्मी आंदोलन पर बैठे। यह आंदोलन यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लाई एंड इंजीनियर्स ने आयोजित किया जिसमें कर्मचारियों ने "नवीन ऑर्गेनाइजेशन स्ट्रक्चर" के तहत जारी 49263 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले उन्हें नियमित करने की मांग रखी।

कार्यकर्ताओं ने बताया कि- "यूनाइटेड फोरम के प्रमुख इंजि. वी के एस परिहार ने बताया कि तीन महीने पहले ही संविदा कर्मियों के नियमितीकरण का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा गया था जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और राज्य सरकार के पूर्व निर्देशों के अनुसार था। लेकिन फिर भी सरकार ने अब तक उस प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं की है जिसके विरोध में संविदा कर्मी भोपाल में एकजुट हुए।"

उन्होंने कहा कि- "हम सभी संविदा कर्मी वैधानिक भर्ती प्रक्रिया से आए हैं लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर चयनित हुए हैं। हम कोई 'बैक डोर' कर्मचारी नहीं बल्कि 'फ्रंट डोर' भर्ती से आए कर्मी हैं। अब जब विद्युत विभाग ने नए ऑर्गेनाइजेशन स्ट्रक्चर में 49263 पद स्वीकृत किए हैं तो उन पदों से पहले हमें नियमित किया जाना न्यायसंगत है।"

वहीं प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि- "बिजली कंपनियां पहले से ही इन कर्मियों को "नियमित" के रूप में मान रही हैं केवल औपचारिक आदेश ही बाकी हैं। उन्होंने कहा कि "हम वर्षों से विभाग की रीढ़ बनकर काम कर रहे हैं — 10 से 15 साल से लगातार सेवा दे रहे हैं। ऐसे में हमें बाहर कर नए लोगों को भर्ती करना न केवल अन्याय होगा बल्कि विभागीय अनुभव और स्थिरता के खिलाफ भी है।"

