'कौन बोलता है, कौन चुप रहता है... सब देख रहा हूं': कलेक्टरों पर CM की नजर, जुलाई में होगी कलेक्टर-SP कॉन्फ्रेंस
शनिवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर बुलाई गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि जुलाई में प्रदर्शन और जिलों की रैंकिंग की होगी समीक्षा
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली बैठकों में अधिकारियों की सक्रियता पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे यह ऑब्जर्व कर रहे हैं कि कौन-कौन से कलेक्टर बैठकों में अपनी बात रखते हैं और कौन चुप रहते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जुलाई में भोपाल में कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें जिलों के प्रदर्शन, विकास कार्यों और अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री शनिवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर गठित समिति की राज्य स्तरीय बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

UCC को लेकर जिलों में चल रही तैयारी
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य के 55 जिलों में से 36 जिलों में समान नागरिक संहिता को लेकर बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। शेष जिलों में भी जल्द बैठकें पूरी कर ली जाएंगी। सरकार की ओर से इसके लिए एक ऑनलाइन लिंक जारी किया गया है, जिसमें 12 सवाल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारी भी इन सवालों के जवाब देकर अपने सुझाव और अभिमत दे सकते हैं। सरकार का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों की राय लेकर आगे की प्रक्रिया को मजबूत बनाना है।
जुलाई में होगी कलेक्टर-SP कॉन्फ्रेंस
मुख्यमंत्री ने बताया कि जुलाई में भोपाल में कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इसकी तारीख जल्द घोषित की जाएगी। इस बैठक में सरकार की प्राथमिकता वाले कार्यों की प्रगति, विकास योजनाओं का क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था की स्थिति और जनहित से जुड़े कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
इसके अलावा जिलों की रैंकिंग का भी आकलन किया जाएगा। अधिकारियों के प्रदर्शन और कामकाज को विभिन्न मानकों के आधार पर परखा जाएगा। सरकार यह भी देखेगी कि जिलों में योजनाओं का लाभ लोगों तक किस स्तर तक पहुंच रहा है।

कलेक्टरों को ऑब्जर्व कर रहा हूं - सीएम
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वे लंबे समय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठकों का अवलोकन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ कलेक्टर चर्चा में सक्रिय रहते हैं और सवालों के जवाब देते हैं, जबकि अधिकांश अधिकारी चुप रहते हैं।
मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी को अधिकारियों की जवाबदेही और सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को जरूरी मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखने और सुझाव देने के लिए प्रेरित किया।
पहले भी हो चुकी है बड़ी प्रशासनिक बैठक
गौरतलब है कि इससे पहले 7 और 8 अक्टूबर 2025 को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। इसमें कलेक्टरों, संभागायुक्तों, आईजी और एसपी ने भाग लिया था।
उस कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों की समीक्षा मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा हर महीने की जाती है। आगामी कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में भी पिछले निर्देशों और उनके क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है।

मानसून और NEET परीक्षा को लेकर भी निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने मानसून की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में नालों की सफाई और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति न बने और लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके साथ ही 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परीक्षा के आयोजन में पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा की व्यवस्थाएं अत्यंत संवेदनशील होती हैं और इसे पूरी पारदर्शिता तथा सुरक्षा के साथ संपन्न कराया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने, विकास कार्यों में तेजी लाने और जनता से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। आगामी कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
Varsha Shrivastava 
