MP: विधानसभा बजट सत्र का छठवां दिन, मोहन सरकार प्रदेश के किसानों को सरसों पर भी देगी भावांतर 

लाड़ली बहना के नए रजिस्ट्रेशन को लेकर कांग्रेस का सदन से वॉकआउट। मेडिकल छात्रा की मौत का मामला सदन में उठा। एआई समिट और कांग्रेस कार्यालय पर प्रदर्शन को लेकर सदन में हंगामा।

MP: विधानसभा बजट सत्र का छठवां दिन, मोहन सरकार प्रदेश के किसानों को सरसों पर भी देगी भावांतर 

भोपाल : मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज, 23 फरवरी को छठवां दिन है। सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मना रहे हैं। खेत से लेकर किसान को अन्नदाता के साथ उर्जा दाता और उद्धमी बनाने के प्रयास कर रहे हैं। सरकार ने सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने का फैसला लिया है, जिससे किसानों को न्यूनतम मूल्य का लाभ मिल सके और बाजार भाव कम होने की स्थिति में उन्हें नुकसान न उठाना पड़े। 5500 से 6000 तक भाव बाज़ार का है, सरसों पर 6200 रुपए एमएसपी है। सरसों उपज के उचित मूल्य के लिए भावन्तर योजना बना रहे हैं। बिजली-पानी की उप्लब्धता के चलते 27 फीसदी सरसों का रकबा बढ़ा है।

उड़द पर बोनस, दलहन उत्पादन बढ़ाने पर हमारा फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा- मूंग की बजाय उड़द पर बोनस देने का काम भी मध्य प्रदेश सरकार कर रही है। फसल विविधीकरण के लिए यह निर्णय बहुत लाभदायक है। दलहन में राज्य तेज गति से बढ़ रहा है। 600 रुपए प्रति किसान प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला हमारी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि मूंग की बजाय उड़द के उत्पादन पर हमारा फोकस है। इसीलिए बोनस देने का फैसला किया है। चना, मसूर, तुअर का उत्पादन करने का भी प्रस्ताव हमने भारत सरकार को भेजा है। चना और मसूर के उपार्जन के लिए 24 मार्च से 30 मई तक का समय तय किया गया है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- सोयाबीन में भावान्तर योजना से किसानों को लाभ हुआ है। कमजोर पड़ रही मंडियां आबाद हुईं है। 1500 करोड़ से ज्यादा की राशि सोयाबीन के लिए भावन्तर में दी गई है। इसको राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है और कई राज्यों ने इसे आपनाया है। हम समृद्ध किसान समृद्ध मध्य प्रदेश की तरफ तेजी से बढ़े हैं। जल्द ही मध्य प्रदेश वैश्विक एग्रो एक्सपर्ट के रूप में जाना जाएगा। मुआवजे के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा- कष्ट के समय किसान के साथ सरकार खड़ी है। 

महाकाल से माफी मांगे कांग्रेस और राहुल- सीएम

सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी को सोचने का समय निकालना चाहिए और महाकाल से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने 55 साल में जो किया उससे ज्याद काम हमने कम समय में कर दिखाया है। यूरोपीय यूनियन से समझौता किसानों के लाभ के लिये है। सबसे ज्यादा कॉटन मिल में कांग्रेस के समय में ताले लगे थे। AI समिट के समय कांग्रेस ने कपड़े उतारकर प्रदर्शन कर गंदी मानसिकता का परिचय दिया। 

दूसरी ओर कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था बेहद खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यालयों पर हमले हुए हैं और भोपाल - इंदौर में इसे लेकर प्रदर्शन भी हुए। शेखावत ने दावा किया कि भाजपा ने कांग्रेस कार्यालयों पर हमला किया। इस पर भाजपा विधायक शैलेन्द्र जैन ने पलटवार करते हुए कहा कि एआई समिट के दौरान कांग्रेस के लोग आपत्तिजनक हरकतें कर रहे थे। इसी बयान को लेकर सदन में तीखी बहस शुरू हो गई।

बहस के दौरान विधायक भंवर सिंह शेखावत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “चीन के कुत्ते को लाकर अपने यहां का कुत्ता बताया गया, क्या यहां कुत्तों की कमी है?” इस टिप्पणी के बाद सदन का माहौल और गरमा गया। हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि बजट पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए और वित्त मंत्री सभी सदस्यों की बात सुनेंगे। इस दौरान शेखावत द्वारा की गई कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियों पर सभापति ने संज्ञान लिया और उन्हें कार्यवाही से विलोपित करने के निर्देश दिए।

बारिश के कारण एमपी में फैसले खराब होने का मामला

भैरो सिंह बापू अनिरुद्ध मारू और तेजबहादुर सिंह ने बारिश के कारण एमपी में फैसले खराब होने का मामले को लेकर सदन का ध्यानाकर्षण किया। बीते दिनों प्रदेश के अलग अलग जिलों में बारिश और ओलावृष्टि से फसल खराब हो गई है। भैरो सिंह बापू ने कहा कि आगर मालवा राजगढ़ नीमच सहित प्रदेश के कई जिलों में बारिश के कारण किसानों का नुकसान हुआ है। अभी तक खराब फसलों का सर्वे नहीं करवाया गया है। किसान बीमा योजना का लाभ भी किसानों को नहीं मिला है। शत-प्रतिशत फसलों का नुकसान मानकर मुआवजा दिया जाए। वहीं, मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि आगर मालवा मंदसौर सहित कई जिलों में बारिश हुई थी। सर्वेदल को नुकसान के आकलन करने के निर्देश दिए है। कई ऐसे जिले है, जहां पर कम बारिश हुई है।  वो नुकसान कम हुआ है, छः जिलों में ओलावृष्टि हुई है। 

लाडली बहना योजना के नए पंजीयन को लेकर विपक्ष का वॉकआउट

सदन में लाडली बहना योजना का मुद्दा गूंजा। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने लाड़ली बहना योजना में लाभ नहीं दिए जाने और मंत्री करण सिंह वर्मा द्वारा राजगढ़ में धमकाने का मामला उठाया। इसके जवाब में महिला और बाल विकास विभाग के मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि हमारी सरकार बहनों को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। महिलाओं को ₹3000 दिए जाने पर सरकार काम कर रही है किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि विपक्ष ज्यादा सरकार लाडली बहनों की चिंता कर रही है।

नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने पूछा- नए पंजीयन कब शुरू होंगे। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा- धीरे-धीरे सब होगा। इसके बाद सिंघार ने कहा कि क्योंकि सरकार जवाब नहीं देना चाहती है, इसलिए कांग्रेस विधायक वॉकआउट करते हैं। इसके बाद नारेबाजी करते हुए कांग्रेस विधायक सदन से बाहर निकल गए।

कांग्रेस का कहना है कि लाडली बहना योजना में पिछले कई सालों से नए पंजीयन नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा चुनाव से पहले सरकार ने 3 हजार रुपये लाडली बहनों को देने का वादा किया था वो भी पूरा नहीं हुआ। मामले में विपक्ष के हमलावर तेवरों के बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सदन में कहा कि लगातार लाडली बहना की राशि बढ़ा रहे हैं। अभी 1500 कर दी गई है, आगे और भी बढ़ाएंगे। सीएम के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने पहले तो नारेबाजी की फिर सदन से वॉक आउट कर दिया और विरोध जताया। 

इस्तीफे पर हेमंत कटारे की सफाई, निजी कारणों से लिया फैसला

मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफे के बाद सियासत तेज हो गई है। इस बीच उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने मीडिया से बातचीत में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी बात पार्टी मंच पर रख दी है और अब जो भी निर्णय पार्टी लेगी, वह उन्हें मान्य होगा। हेमंत कटारे ने साफ कहा कि वे किसी भी दबाव में नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पारिवारिक कारण इस्तीफे की वजह नहीं हो सकते? उनका कहना था कि वे जनता को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके द्वारा विधानसभा में पूछे गए प्रश्न को यह कहकर निरस्त कर दिया गया कि वह बड़ा प्रश्न है। साथ ही, उनका सात दिन पहले से आरक्षण था और उन्हें एक पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होना था।

नेता प्रतिपक्ष से नाराजगी की अटकलों को खारिज करते हुए हेमंत कटारे ने कहा कि उनसे उनका कोई मतभेद नहीं है, वे उनके बड़े भाई जैसे हैं। भारतीय जनता पार्टी में जाने की चर्चाओं पर उन्होंने दो टूक कहा कि वे बचपन से कांग्रेस के सिपाही हैं और भाजपा से लड़ाई में सबसे आगे रहेंगे। यदि कोई भाजपा से कांग्रेस में आना चाहता है तो उसका स्वागत है। भाजपा विधायक भगवानदास से कैंटीन में मुलाकात के सवाल पर कटारे ने कहा कि विधानसभा में एक-दूसरे से बातचीत करना कोई नई बात नहीं है। उनका राजनीतिक भविष्य मीडिया तय नहीं करेगी, बल्कि वे स्वयं अपने फैसले लेंगे।

गांधी मेडिकल कॉलेज की छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत का मामला

कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल में एमबीबीएस की एक छात्रा की संदिग्ध हालात में हुई मौत का मामला सदन में उठाया। इसके जवाब में राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि छात्रा की मौत जहर के सेवन से हुई है। उसके शरीर पर किसी भी तरह की चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि जांच में सामने आया है कि घटना के समय कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। छात्रा के मोबाइल की भी जांच की गई, जिसमें उसने लिखा था कि वह जो पढ़ाई कर रही थी, वह उसे समझ में नहीं आ रही थी। घटनास्थल से फिनायल की एक बोतल बरामद की गई, जिसे जब्त कर जांच के दायरे में लिया गया है। अब तक की जांच में यह मामला आत्महत्या का पाया गया है और हत्या के कोई साक्ष्य सामने नहीं आए हैं।

वहीं, कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि परिजनों को सूचना दिए बिना ही छात्रा का पोस्टमॉर्टम कराया गया। साथ ही दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो आदिवासी समाज आंदोलन करेगा। इस पर राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह कहना गलत है कि परिवार को सूचना नहीं दी गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर छात्रा के माता-पिता के हस्ताक्षर मौजूद हैं। मंत्री ने बताया- मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है, जिसमें डीएसपी, टीआई और सब-इंस्पेक्टर स्तर की तीन महिला अधिकारी शामिल हैं।

इंडिया-यूएस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, परिसर के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन

इंडिया-यूएस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के विरोध में विधानसभा की कार्रवाई शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ विधायक पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखौटे पहनकर विरोध जताते नजर आए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि ये ट्रेड डील अमेरिका के किसानों के हित में है, जबकि इससे भारत के किसानों को काफी नुकसान पहुंचेगा। यही कारण है कि हम लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कल राहुल गांधी भी भोपाल पहुंचेंगे, किसानों के हित की लड़ाई पूरे देश में लड़ी जाएगी। 

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि हर प्रकार से किसान भाजपा की महंगाई से परेशान है। इस बार हमारे पूरे क्षेत्र में किसान ने मक्का बोया था। लेकिन जहां भाजपा सरकार द्वारा मक्का के न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 के रेट का तय किया गया था। लेकिन खरीदी हुई 1200 की रेट में 1300 की रेट में किसान को अपनी मेहनत का सही दाम नहीं मिला।

इससे पहले बजट सत्र में उठे मुद्दे

इससे पहले बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ने सदन में VB-G RAM G का नाम बदलने का मुद्दा उठाया था। प्रश्नकाल में विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा था कि आज कैलाश जी कुछ बदले-बदले नजर आ रहे हैं माहौल भी अलग सा लग रहा है। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हल्के- फुलके अंदाज में जवाब दिया था। कहा था कि किसी की बर्बादी के कोई आसार नहीं हैं। होली का त्योहार आ रहा है। सबको खुश रहना चाहिए। रिश्तों में मिठास और मुस्कान बनी रहनी चाहिए।

वहीं. प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक मधुभगत ने आदिवासी बस्तियों में विकास के नाम पर भ्रष्टाचर का मामला उठाया। जिस पर मंत्री विजय शाह ने जवाब दिया कि बालाघाट में योजनाओं के हिसाब से राशि दी जाती है। कोई अनियमितता नहीं हुई है। मापदंड के अनुसार राशि जारी की गई है।

इंदौर में होली पर मूर्खी का सम्मेलन

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि इंदौर में होली पर मूर्खी का सम्मेलन होता है। उसमें भंवर सिंह शेखावत कि क्या भूमिका रहती है? इस पर भंवर सिंह शेखावत ने मजाक करते हुए जवाब दिया था। कहा था कि वहां बजरबट्टू सम्मेलन होता है। इसमें विजयवर्गीय हर बार नए अंदाज में आते हैं।

बजट सत्र में जोरदार बहस

बजट सत्र के पांचवे दिन विधानसभा में सरकार और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई थी। ये बहस इंदौर में गंदे पानी से हुई मौतों को लेकर थी। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस घटना के बाद सरकार ने तुरंत कदम उठाए हैं। पीड़ितों का इलाज कराया गया, पानी की जांच की गई। साथ ही नई पाइपलाइन लगाने का काम शुरु किया गया है। इसके अलावा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।