भोपाल में वकीलों का हंगामा: 5 घंटे से शहर जाम, मंत्रालय में कैद हुए अफसर

भोपाल में अधिवक्ता से मारपीट के आरोप पर करीब 50 वकीलों ने जहांगीराबाद थाने का 5 घंटे तक घेराव किया. जिससे शहर में जाम जैसे हालात बन गए. और अफसर मंत्रालय में कैद रहे.... हालांकि वकील से मारपीट के आरोप में TI समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है. लेकिन वकिल अभी भी FIR की मांग को लेकर अड़े हुए हैं..

भोपाल में वकीलों का हंगामा: 5 घंटे से शहर जाम, मंत्रालय में कैद हुए अफसर

भोपाल में मंगलवार रात वकील से मारपीट के आरोप ने ऐसा तूल पकड़ा कि करीब 50 वकीलों ने जहांगीराबाद थाने का घेराव कर दिया। करीब 5 घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद मामला रात करीब 3 बजे तक खिंच गया। वकील आरोपी पुलिसकर्मियों पर FIR और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद DCP जोन-1 ने थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

वकील से मारपीट के आरोप के बाद बढ़ा विवाद

मामला मंगलवार शाम करीब 8 बजे का बताया जा रहा है। अधिवक्ता राकेश रावल के मुताबिक, वे खटलापुरा मंदिर की तरफ से आ रहे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक लिया और उन्हें थाने चलने के लिए कहा।

रावल का आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को बताया कि उनके वाहन में पेट्रोल नहीं है। इसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज की। विरोध करने पर उन्हें कीचड़ में पटककर डंडों से पीटा गया।

रावल के मुताबिक, कंट्रोल रूम तिराहे पर रास्ता बंद होने के कारण उन्होंने पुलिसकर्मियों से बैरागढ़ जाने का वैकल्पिक रास्ता पूछा था। इसी दौरान दोनों पक्षों में बहस हो गई।

चोट के निशान वाला वीडियो भी आया सामने

घटना के बाद वकीलों की ओर से एक वीडियो जारी किया गया। इसमें अधिवक्ता राकेश रावल के पैरों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। उनके कपड़े भी कीचड़ से सने हुए नजर आए।

इसके बाद बड़ी संख्या में वकील जहांगीराबाद थाने पहुंच गए। प्रदर्शनकारी वकीलों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग की। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन लंबा खिंच गया और करीब 5 घंटे तक थाने के बाहर हंगामा चलता रहा।

पुलिस का आरोप- ACP से बदसलूकी की

वहीं पुलिस की तरफ से तत्कालीन थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार ने अलग पक्ष रखा। उनका कहना था कि विवाद के दौरान अधिवक्ता राकेश रावल ने ट्रैफिक ACP अजय बाजपेई के साथ बदसलूकी की और सरेराह उन्हें अपशब्द कहे।

TI के मुताबिक, समझाइश के बाद भी अधिवक्ता का व्यवहार जारी रहा। उन्होंने दावा किया था कि पूरे घटनाक्रम का वीडियो पुलिस के पास मौजूद है।

रात 3 बजे तक चला प्रदर्शन, फिर हुई कार्रवाई

वकीलों का प्रदर्शन देर रात तक चलता रहा। करीब 3 बजे तक जहांगीराबाद थाने का घेराव किया गया। वकील कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

इसके बाद DCP जोन-1 ने TI राजन सिंह अहिरवार, कॉन्स्टेबल यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को निलंबित कर दिया। तीनों को निलंबन अवधि में रिजर्व सेंटर से संबद्ध किया गया है।

मामले की प्राथमिक जांच 7 दिन में पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जहांगीराबाद थाने की जिम्मेदारी अब इंस्पेक्टर हरि किशन लोहिया को दी गई है।

अब जांच में यह साफ होगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई, दोनों पक्षों के बीच वास्तव में क्या हुआ और थाने में पुलिस कार्रवाई के दौरान क्या-क्या हुआ। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों की जांच की जा रही है।