अमेरिका ने मोजतबा खामेनेई समेत 10 ईरानी नेताओं पर रखा ₹92.54 करोड़ का इनाम

अमेरिकी विदेश विभाग के रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस कार्यक्रम के तहत इन लोगों की जानकारी देने वालों को इनाम दिया जाएगा। अमेरिका ने इन अधिकारियों पर आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क चलाने का आरोप लगाया है।

अमेरिका ने मोजतबा खामेनेई समेत 10 ईरानी नेताओं पर रखा ₹92.54 करोड़ का इनाम
अमेरिकी के राष्ट्रपति और र्ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई

अमेरिका ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई समेत 10 वरिष्ठ ईरानी नेताओं और अधिकारियों के बारे में जानकारी देने वालों के लिए बड़ा इनाम घोषित किया है। अमेरिकी विदेश विभाग के रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस कार्यक्रम के तहत इन लोगों की सटीक जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर (लगभग 92 करोड़ रुपये) तक का इनाम दिया जाएगा।

सोशल मीडिया पर जारी किया गया पोस्टर:
अमेरिकी विदेश विभाग ने 13 मार्च को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्टर जारी किया, जिसमें इन 10 ईरानी अधिकारियों को “आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा” बताया गया है। पोस्टर में लोगों से अपील की गई है कि अगर उनके पास इन अधिकारियों के बारे में कोई विश्वसनीय जानकारी है तो वे इसे साझा कर सकते हैं।

इन नेताओं के नाम शामिल:
इस सूची में मोजतबा खामेनेई के अलावा कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जैसे:

  1. सुप्रीम लीडर कार्यालय के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ - अली असगर हेजाजी
  2. सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार मेजर जनरल - याह्या रहीम सफवी
  3. सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव - अली लारीजानी
  4. ईरान के गृह मंत्री - ब्रिगेडियर इस्कंदर मोमेनी
  5. खुफिया और सुरक्षा मंत्री - इस्माइल खतीब

इसके अलावा डिफेंस काउंसिल के सचिव, सुप्रीम लीडर के सलाहकार, सुप्रीम लीडर कार्यालय के मिलिट्री ऑफिस के प्रमुख और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर भी इस सूची में शामिल हैं।

आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों का आरोप:
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, सूची में शामिल अधिकारी IRGC के विभिन्न हिस्सों को निर्देशित और संचालित करते हैं। विभाग का दावा है कि यह संगठन दुनिया भर में आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने, उन्हें संगठित करने और उन्हें अंजाम देने में शामिल रहा है।

सुरक्षित तरीके से दी जा सकती है जानकारी:
अमेरिका ने कहा है कि इन लोगों के बारे में जानकारी देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर बसाने की व्यवस्था भी की जा सकती है।
जानकारी देने के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म या Tor नेटवर्क के जरिए रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस कार्यक्रम से संपर्क किया जा सकता है।