राघौगढ़ में सिंधिया के पोस्टर हटाने पर सियासी घमासान: दिग्विजय-जयवर्धन के बैनर लगे रहने पर BJP ने उठाए सवाल

राघौगढ़ में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तस्वीर वाले पोस्टर हटाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि नगरपालिका के कर्मचारियों ने सिंधिया के पोस्टर हटाकर कचरा गाड़ी में डाल दिए, जबकि दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह के बैनर लगे रहे

राघौगढ़ में सिंधिया के पोस्टर हटाने पर सियासी घमासान: दिग्विजय-जयवर्धन के बैनर लगे रहने पर BJP ने उठाए सवाल

गुना से गौरव शर्मा की रिपोर्ट।

गुना। जिले के राघौगढ़ में पोस्टर हटाने की कार्रवाई ने स्थानीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस शासित नगरपालिका के कर्मचारियों पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तस्वीर वाले पोस्टर चुनिंदा तरीके से हटाने का आरोप लगा है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि पोस्टर हटाने के दौरान कचरा गाड़ी का इस्तेमाल किया गया, जबकि शहर में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और स्थानीय विधायक जयवर्धन सिंह के पोस्टर और बैनर लगे रहे।

रात में पोस्टर हटाने का आरोप

भाजपा नेताओं के मुताबिक, मंगलवार देर रात नगरपालिका के कर्मचारी शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचे और सिंधिया की तस्वीर वाले पोस्टर हटाने लगे। भाजपा का दावा है कि इस कार्रवाई के फोटो और वीडियो भी उसके पास हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद नगरपालिका में नेता प्रतिपक्ष राममोहन चौकसे के नेतृत्व में भाजपा पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। भाजपा नेताओं ने इसे केंद्रीय मंत्री का अपमान बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। हालांकि, पोस्टर हटाने के पीछे किसी राजनीतिक निर्देश या प्रतिशोध की मंशा होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दिग्विजय-जयवर्धन के बैनर सवालों में

भाजपा ने अपने ज्ञापन में सवाल उठाया कि नगरपालिका के कर्मचारियों ने सिंधिया की तस्वीर वाले पोस्टर तो हटा दिए, लेकिन दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह के बैनर क्यों लगे रहे। पार्टी नेताओं ने इस कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बताते हुए प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) को निलंबित करने और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की।

दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से सफाई दी गई कि पोस्टर हटाने की कार्रवाई दिवाली से पहले शहर की साफ-सफाई और सजावट की तैयारियों के तहत की जा रही थी। इस स्पष्टीकरण को भाजपा नेताओं ने स्वीकार नहीं किया।

30 अक्टूबर को प्रदर्शन की चेतावनी

भाजपा ने प्रशासन को दो दिन में कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर 30 अक्टूबर को तहसील कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान भाजपा के पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद रहे।