स्मृति मंधाना बनीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान, क्या हरमनप्रीत से चल रहा था विवाद?

हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने के बाद स्मृति मंधाना को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कमान सौंपी गई है. जानिए कप्तानी बदलाव के पीछे की कहानी और दोनों के बीच कथित मतभेदों की पूरी चर्चा.

स्मृति मंधाना बनीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान, क्या हरमनप्रीत से चल रहा था विवाद?

Indian Women Team Captaincy: भारतीय महिला क्रिकेट टीम में कप्तानी का बड़ा बदलाव हुआ है. लंबे समय तक टीम की कमान संभालने वाली हरमनप्रीत कौन ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी है. उनकी जगह टीम की स्टार बल्लेबाज और लंबे समय से उपकप्तान रहीं स्मृति मंधाना को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. 

हरमनप्रीत कौर का कप्तानी कार्यकाल भारतीय महिला क्रिकेट के सबसे सफल दौर में गिना जाता है. उनकी अगुवाई में भारत ने ODI वर्ल्ड कप के साथ दो एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किए. हालांकि, पिछले कुछ समय से उनकी कप्तानी को लेकर सवाल उठ रहे थे. अब कप्तानी में बदलाव के बाद एक रिपोर्ट ने टीम के अंदर चल रही कथित खींचतान को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. 

हरमनप्रीत ने क्यों छोड़ी कप्तानी?

हरमनप्रीत कौर ने साल 2016 में पहली बार भारतीय महिला टीम की कमान संभाली थी. करीब एक दशक तक कप्तानी करने के बाद अब उन्होंने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है.

हाल ही में BCCI के साथ हुई रिव्यू मीटिंग के बाद नेतृत्व में बदलाव की चर्चा तेज हुई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुवाहाटी में BCCI सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरमनप्रीत को नेतृत्व में बदलाव के संकेत दिए गए. इसके बाद उन्होंने खुद कप्तानी छोड़ने का फैसला किया.

37 साल की हरमनप्रीत ने कप्तान के तौर पर अपना आखिरी बड़ा टूर्नामेंट एशियन गेम्स में खेला और यहां भी टीम को गोल्ड मेडल दिलाया. ऐसे में उनका कप्तानी करियर एक बड़े खिताब के साथ खत्म हुआ.

कप्तानी की सबसे मजबूत दावेदार थीं स्मृति मंधाना

हरमनप्रीत के बाद कप्तानी के लिए स्मृति मंधाना का नाम सबसे आगे था. साल 2013 में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाली मंधाना आज भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हैं.

मंधाना तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए लगातार रन बनाती रही हैं और उनके नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में 10 हजार से ज्यादा रन हैं. हाल के वर्षों में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में आक्रामकता भी बढ़ाई है, जिससे वह T20 फॉर्मेट में और खतरनाक बल्लेबाज बन गई हैं. लेकिन कप्तानी का मौका मिलने में हुई देरी ने कथित तौर पर उन्हें निराश किया.

क्या सिलेक्टर्स से नाराज थीं मंधाना?

एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू मैदान पर ODI वर्ल्ड कप जीतने के बाद मंधाना को उम्मीद थी कि टीम की कप्तानी उन्हें सौंपी जा सकती है. हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और हरमनप्रीत ही टीम की कमान संभालती रहीं. रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस फैसले से मंधाना सिलेक्टर्स से नाराज थीं. उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में कप्तानी को लेकर अपनी इच्छा भी जाहिर की थी.

भारत के लगातार T20 वर्ल्ड कप में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद टीम की कप्तानी और नेतृत्व को लेकर बहस और तेज हो गई थी.

हरमनप्रीत और मंधाना के बीच मतभेद की चर्चा

कप्तानी में बदलाव के बीच सबसे ज्यादा चर्चा टीम के ड्रेसिंग रूम के माहौल को लेकर हो रही है. एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना के बीच कप्तानी को लेकर कुछ समय से मतभेद चल रहे थे. दोनों खिलाड़ी कभी बेहद करीबी दोस्त मानी जाती थीं, लेकिन नेतृत्व को लेकर पैदा हुए मतभेदों का असर उनके रिश्ते पर भी पड़ा.

रिपोर्ट में एक टीम सूत्र के हवाले से कहा गया कि दोनों के बीच लंबे समय से तालमेल ठीक नहीं था और इसका असर ड्रेसिंग रूम के माहौल पर भी दिखाई देने लगा था. हालांकि, इस कथित विवाद को लेकर दोनों खिलाड़ियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

मिताली राज ने भी उठाए थे सवाल

भारतीय महिला क्रिकेट की पूर्व कप्तान मिताली राज भी पहले ही टीम की कप्तानी को लेकर अपनी राय जाहिर कर चुकी हैं. T20 वर्ल्ड कप से भारत के बाहर होने के बाद मिताली ने कहा था कि स्मृति मंधाना को दो-तीन साल पहले ही ODI की कप्तानी सौंप दी जानी चाहिए थी. उन्होंने हरमनप्रीत की फॉर्म और फिटनेस को लेकर भी सवाल उठाए थे. 

मिताली के मुताबिक, मंधाना ODI और टेस्ट टीम की कप्तानी के लिए बेहतर विकल्प हो सकती थीं, जबकि T20 की कमान किसी युवा खिलाड़ी को दी जा सकती थी.

2022 में भी हुआ था कप्तानी ट्रांजिशन

भारतीय महिला क्रिकेट में कप्तानी को लेकर विवाद कोई पहली बार सामने नहीं आया है. 2022 में ODI वर्ल्ड कप के बाद जब हरमनप्रीत कौर ने मिताली राज से वनडे टीम की कप्तानी संभाली थी, तब भी दोनों दिग्गजों के बीच रिश्तों को लेकर कई तरह की खबरें सामने आई थीं. उस समय टीम में गुटबाजी की चर्चाएं भी हुई थीं.

अब एक बार फिर कप्तानी का ट्रांजिशन हुआ है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार कप्तानी हरमनप्रीत से स्मृति मंधाना के हाथों में गई है.

अब हरमनप्रीत की नई भूमिका क्या होगी?

कप्तानी छोड़ने के बाद हरमनप्रीत कौर बतौर खिलाड़ी टीम के साथ जुड़ी रहेंगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अगले कुछ वर्षों तक क्रिकेट खेलना चाहती हैं. अब बतौर कप्तान उनका दबाव जरूर कम होगा, लेकिन बतौर बल्लेबाज उनकी जिम्मेदारी बढ़ जाएगी. टीम में उनकी जगह बनाए रखने के लिए उन्हें अपने बल्ले से लगातार प्रदर्शन करना होगा.

वहीं, स्मृति मंधाना के सामने सबसे बड़ी चुनौती टीम को एकजुट रखते हुए बड़े टूर्नामेंट में भारत को खिताब दिलाने की होगी. अब देखना दिलचस्प होगा कि हरमनप्रीत और मंधाना पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर नई कप्तानी व्यवस्था में किस तरह साथ काम करती हैं.