बाइनेंस से 56 हजार करोड़ रुपये के डिजिटल एसेट्स प्रभावित: कंपनी ने रोका लेनदेन

दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस में साइबर हमला। कंपनी के मुताबिक 6.3 बिलियन डॉलर के डिजिटल एसेट्स प्रभावित, 3 बिलियन डॉलर फ्रीज, डिपॉजिट और विड्रॉल पर रोक।

बाइनेंस से 56 हजार करोड़ रुपये के डिजिटल एसेट्स प्रभावित: कंपनी ने रोका लेनदेन

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस (Binance) में बड़े साइबर सुरक्षा उल्लंघन का मामला सामने आया है। 29 अक्टूबर 2026 को हुई इस घटना को क्रिप्टोकरेंसी इतिहास की सबसे बड़ी हैकिंग माना जा रहा है। शुरुआती ब्लॉकचेन विश्लेषण में करीब 5.3 से 5.9 बिलियन डॉलर की क्रिप्टो प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया था। हालांकि, 30 अक्टूबर को बाइनेंस ने आधिकारिक अपडेट जारी कर कुल प्रभावित रकम करीब 6.3 बिलियन डॉलर यानी लगभग 56 हजार करोड़ रुपये बताई है।

घटना के बाद कंपनी ने सुरक्षा जांच के चलते डिपॉजिट और विड्रॉल अस्थायी रूप से रोक दिए हैं। कंपनी का कहना है कि ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है और हैकिंग से होने वाले नुकसान की भरपाई SAFU फंड और कंपनी के अपने फंड से की जाएगी।

कैसे हुई बाइनेंस में सेंधमारी?

बाइनेंस की शुरुआती जांच के मुताबिक, इस साइबर हमले में कंपनी के एक DevOps इंजीनियर का लैपटॉप हैक होने की आशंका है। माना जा रहा है कि हैकर ने इसी लैपटॉप के जरिए एक सर्विस कंटेनर तक पहुंच बनाई और बिना अनुमति के क्रिप्टो विड्रॉल ट्रांजैक्शन सबमिट किए। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी वॉलेट की प्राइवेट की लीक होने के सबूत नहीं मिले हैं। मामले की तकनीकी जांच जारी है।

बाइनेंस ने उठाए ये बड़े कदम

हैकिंग की जानकारी सामने आने के बाद कंपनी ने तत्काल सुरक्षा उपाय किए हैं।

  • डिपॉजिट और विड्रॉल अस्थायी रूप से बंद कर दिए।

  • प्रभावित एड्रेस की अनुमति रद्द कर दी गई।

  • ब्लॉकचेन कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जांच शुरू की।

  • प्रभावित डिजिटल एसेट्स को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई।

  • ग्राहकों के नुकसान की भरपाई SAFU फंड और कंपनी के फंड से करने का भरोसा दिया।

बाइनेंस के मुताबिक, अब तक करीब 3 बिलियन डॉलर के प्रभावित एसेट्स फ्रीज किए जा चुके हैं।

कितने रुपये की क्रिप्टो चोरी होने का अनुमान?

इस मामले में अलग-अलग ब्लॉकचेन एनालिटिक्स कंपनियों ने अलग-अलग आंकड़े दिए हैं।

कंपनी/संस्था

शुरुआती अनुमान

Glassnode

5.3 बिलियन डॉलर

Chainalysis

5.9 बिलियन डॉलर

Binance का आधिकारिक अपडेट

6.3 बिलियन डॉलर प्रभावित

बाइनेंस के अलावा दूसरी क्रिप्टो कंपनियों ने भी संदिग्ध वॉलेट से जुड़े एसेट्स फ्रीज किए हैं। टेदर ने करीब 1.57 बिलियन डॉलर और सर्कल ने 800 मिलियन डॉलर से अधिक की रकम फ्रीज करने की जानकारी दी।

क्या यह क्रिप्टो इतिहास की सबसे बड़ी हैकिंग है?

अगर शुरुआती अनुमान और बाइनेंस के बताए आंकड़े सही साबित होते हैं, तो यह क्रिप्टो इंडस्ट्री की अब तक की सबसे बड़ी हैकिंग होगी।

इससे पहले फरवरी 2025 में क्रिप्टो एक्सचेंज बायबिट (Bybit) से करीब 1.5 बिलियन डॉलर की क्रिप्टो चोरी हुई थी। उस घटना के लिए उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर्स को जिम्मेदार ठहराया गया था। बाइनेंस का मौजूदा मामला उससे कहीं बड़ा बताया जा रहा है।

बिटकॉइन समेत दूसरी क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट

हैकिंग की खबर सामने आने के बाद क्रिप्टो बाजार में भी हलचल देखने को मिली। बिटकॉइन की कीमत में करीब 5 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। वहीं इथेरियम और अन्य प्रमुख डिजिटल करेंसी भी दबाव में आ गईं। निवेशकों के बीच बड़े एक्सचेंजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

क्या भारतीय यूजर्स पर भी पड़ेगा असर?

बाइनेंस दुनियाभर में कारोबार करने वाला क्रिप्टो एक्सचेंज है, इसलिए इस घटना को लेकर भारतीय निवेशकों के बीच भी चिंता है। हालांकि, कितने भारतीय यूजर्स प्रभावित हुए हैं, इसका आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।

बाइनेंस ने अपने बयान में कहा है कि ग्राहकों के फंड सुरक्षित हैं और हैकिंग से होने वाले नुकसान की भरपाई कंपनी करेगी। वहीं बाइनेंस के अमेरिकी प्लेटफॉर्म Binance.US को इस घटना से अप्रभावित बताया गया है।

CZ ने भी दी प्रतिक्रिया

बाइनेंस के पूर्व प्रमुख चांगपेंग झाओ (CZ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना हैकिंग जैसी दिखाई दे रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि यूजर्स के फंड की पूरी भरपाई की जाएगी। हालांकि, CZ अब कंपनी का रोजमर्रा का प्रबंधन नहीं संभालते हैं।

जांच के बाद जारी होगी विस्तृत रिपोर्ट

बाइनेंस की सुरक्षा टीमें कानून प्रवर्तन एजेंसियों और ब्लॉकचेन विशेषज्ञों के साथ मिलकर मामले की जांच कर रही हैं। कंपनी ने कहा है कि जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि के बाद विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट जारी की जाएगी।

फिलहाल कंपनी ने यूजर्स को केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी अपडेट पर भरोसा करने और किसी भी संदिग्ध लिंक या संदेश से सावधान रहने की सलाह दी है।