स्कूलों के आसपास जंक फूड पर सख्ती की तैयारी: FSSAI ने जारी किया नया ड्राफ्ट

FSSAI ने स्कूलों में ज्यादा नमक, चीनी और फैट वाले खाद्य पदार्थों को लेकर नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है। जानिए क्या बदल सकता है।

स्कूलों के आसपास जंक फूड पर सख्ती की तैयारी: FSSAI ने जारी किया नया ड्राफ्ट

नई दिल्ली। बच्चों के खान-पान को लेकर सरकार की ओर से एक बार फिर सख्ती की तैयारी दिखाई दे रही है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले ज्यादा फैट, ज्यादा शुगर और ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थों से जुड़े नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट जारी किया है।

FSSAI ने 11 अगस्त 2026 को ‘Food Safety and Standards (Safe Food and Balanced Diets for Children in School) Amendment Regulations, 2026’ का ड्राफ्ट जारी किया। इसमें ऐसे खाद्य पदार्थों की परिभाषा तय करने का प्रस्ताव है, जिनमें फैट, शुगर या नमक की मात्रा ज्यादा होती है।

क्या है इसका मकसद?

इसका मुख्य उद्देश्य स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए बेहतर और स्वस्थ खान-पान का माहौल तैयार करना है। बच्चों को ज्यादा नमक, चीनी और फैट वाले खाद्य पदार्थों से दूर रखने के लिए नियमों को और स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।

 जंक फूड में क्या-क्या आ सकता है?

आमतौर पर ज्यादा फैट, नमक और चीनी वाले कई पैकेज्ड और फास्ट फूड इस श्रेणी में आ सकते हैं। इनमें चिप्स, कुछ तले हुए खाद्य पदार्थ, मीठे पेय, पिज्जा, बर्गर और इसी तरह के दूसरे खाद्य पदार्थ शामिल हो सकते हैं। हालांकि किसी खास प्रोडक्ट पर नियम लागू होंगे या नहीं, यह तय मानकों पर निर्भर करेगा।

स्कूलों के आसपास भी हो सकती है सख्ती

स्कूलों में बच्चों को अनहेल्दी फूड से बचाने की कोशिश पहले भी होती रही है। FSSAI की गाइडलाइंस में स्कूल कैंटीन और स्कूल परिसर के 50 मीटर के दायरे में हाई फैट, नमक और चीनी वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री और मार्केटिंग पर रोक से जुड़े प्रावधान पहले से मौजूद रहे हैं।

अभी क्या स्थिति है?

सबसे जरूरी बात यह है कि 2026 में जारी किया गया दस्तावेज अभी ड्राफ्ट है। यानी इस पर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। इसलिए इसे नया नियम पूरी तरह लागू हो चुका है, ऐसा कहना सही नहीं होगा। अंतिम नियम आने के बाद ही साफ होगा कि किन खाद्य पदार्थों पर किस तरह की पाबंदी लागू होगी।

बच्चों की सेहत को लेकर क्यों उठाया जा रहा है कदम?

विशेषज्ञ लंबे समय से बच्चों के खान-पान में ज्यादा नमक, चीनी और फैट की मात्रा को लेकर चिंता जताते रहे हैं। 2026 में जारी एक ICMR-NIN से जुड़े नीति दस्तावेज में भी बच्चों के लिए स्वस्थ फूड एनवायरमेंट बनाने और HFSS यानी High Fat, Sugar and Salt वाले खाद्य पदार्थों को लेकर स्पष्ट नियम बनाने की जरूरत बताई गई है। यानी फिलहाल मामला नए नियम के ड्राफ्ट का है। अंतिम फैसला और लागू होने वाले नियम आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।