गाजियाबाद के इंदिरापुरम में 15 मंजिला अपार्टमेंट में भीषण आग, 60 लोगों को किया गया रेस्क्यू
गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के टावर-डी में लगी आग से मची अफरा-तफरी, 7 मंजिलें चपेट में आए, 3 घंटे बाद पाया जा सका आग पर काबू।
गाजियाबाद। इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक 15 मंजिला अपार्टमेंट के टावर-डी में भीषण आग लग गई। आग सुबह करीब 8:30 बजे 9वें फ्लोर पर लगी और देखते ही देखते उसने कई मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
आग ने 7 मंजिलों को लिया चपेट में, मची अफरा-तफरी
गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के टावर-डी में लगी इस आग ने 9वीं मंजिल से फैलते हुए करीब 7 फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया। बिल्डिंग में रह रहे लोग घबराकर सीढ़ियों के रास्ते नीचे भागे। कई परिवारों ने जल्दबाजी में अपना सामान तक नहीं उठाया और किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल आए। अपने घरों को जलता देख कई महिलाएं भावुक हो गईं और रोने लगीं। पूरे परिसर में धुआं फैलने से लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हुई।

फायर ब्रिगेड की 14 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। शुरुआती तौर पर दो गाड़ियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग ऊपरी मंजिलों पर होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाद में कुल 14 फायर टेंडर मौके पर लगाए गए। ऊंचाई पर लगी आग पर काबू पाने के लिए हाइड्रोलिक क्रेन का सहारा लिया गया।
आसपास की बिल्डिंग के लोगों ने भी पाइप के जरिए आग बुझाने में मदद की। करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इसके बाद भी फायर टीमों ने कूलिंग ऑपरेशन जारी रखा, ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना खत्म हो सके।

कंस्ट्रक्शन कार्य के दौरान आग लगने की आशंका
सोसाइटी में रहने वाले लोगों के मुताबिक जिस फ्लैट में आग लगी, वहां निर्माण कार्य चल रहा था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आग की शुरुआत बालकनी से हुई थी। फ्लैट में मौजूद एसी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कारण आग तेजी से फैल गई। हालांकि, आग लगने के सही कारणों का अभी तक आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल सका है और इसकी जांच जारी है।
60 लोग फंसे, सभी को सुरक्षित निकाला गया
जिला प्रशासन के अनुसार, इस घटना में करीब 60 लोग बिल्डिंग के भीतर फंस गए थे। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान एक महिला को कमरे का डबल लॉक तोड़कर बाहर निकाला गया, जबकि एक बुजुर्ग व्यक्ति, जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे, उन्हें भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
दो लोगों—एक महिला और एक बुजुर्ग—को एहतियातन अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक उनकी हालत अब स्थिर है और चिंता की कोई बात नहीं है।

प्रशासन और पुलिस सतर्क, सीएम ने लिया संज्ञान
घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया और अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए।
पुलिस, प्रशासन और फायर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी करते रहे। बिल्डिंग और आसपास की इमारतों को एहतियातन खाली करा लिया गया था, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
प्रभावित परिवारों के लिए की गई अस्थायी व्यवस्था
आग की घटना के बाद कई परिवारों के घरों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन और सोसाइटी प्रबंधन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए पानी और भोजन की अस्थायी व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से बातचीत कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

जांच जारी, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
फिलहाल फायर ब्रिगेड की टीमें एक-एक फ्लैट की जांच कर रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर हाई-राइज बिल्डिंग्स में सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
Varsha Shrivastava 
