क्या ईरान होर्मुज से भारतीय जहाज निकलने देगा? जयशंकर ने दिया बड़ा बयान
ईरान-इजराइल तनाव के बीच Strait of Hormuz में फंसे भारतीय जहाजों पर बड़ा अपडेट आया है। विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने बताया कि भारत लगातार Iran से बातचीत कर सुरक्षित रास्ता तलाश रहा है।
एशिया में जारी युद्ध के बीच Strait of Hormuz को लेकर तनाव बढ़ गया है। इस समुद्री रास्ते से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है। मौजूदा हालात में कई देशों के जहाज यहां फंसे हुए हैं। इसी बीच भारत के विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने स्थिति पर बड़ा बयान दिया है।
ईरान से लगातार बातचीत कर रहा भारत:
विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि भारत Iran के साथ लगातार बातचीत कर रहा है ताकि भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। हालांकि अभी तक सभी भारतीय जहाजों के लिए कोई स्थायी समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हर जहाज की आवाजाही को अलग-अलग मामले के तौर पर मैनेज किया जा रहा है। जयशंकर ने कहा कि बातचीत से सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं और भारत कूटनीतिक तरीके से समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।

22 भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ते की मांग:
भारत ने होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे 22 भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता मांगा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक अब तक दो भारतीय जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं।
LPG कैरियर शिवालिक – लगभग 16 मार्च को Mundra Port पहुंचने की संभावना
LPG कैरियर नंदा देवी – करीब 17 मार्च को Kandla Port पहुंच सकता है
इन दोनों जहाजों में करीब 92,712 मीट्रिक टन LPG लदा हुआ है।

ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव:
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका Kharg Island पर और हमले कर सकता है। उन्होंने सहयोगी देशों से होर्मुज को सुरक्षित रखने के लिए नौसेना तैनात करने की अपील भी की है।
यूरोपीय देश भी कर रहे बातचीत:
रिपोर्ट के मुताबिक France और Italy जैसे यूरोपीय देश भी ईरान से बातचीत कर रहे हैं ताकि ऊर्जा सप्लाई फिर से शुरू हो सके।
भारत का रुख साफ:
जयशंकर ने कहा कि यह किसी लेन-देन का मामला नहीं है, बल्कि भारत और ईरान के बीच पुराने रिश्ते और कूटनीतिक संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।

