स्मार्ट मीटर पर उमंग सिंघार का बड़ा आरोप: देश की सुरक्षा से खिलवाड़, बटन अब पाकिस्तान के हाथों में

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने स्मार्ट मीटर घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है. नेता प्रतिपक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को लूटने और देश की आंतरिक सुरक्षा से समझौता करने का बड़ा षड्यंत्र चल रहा है

स्मार्ट मीटर पर उमंग सिंघार का बड़ा आरोप: देश की सुरक्षा से खिलवाड़, बटन अब पाकिस्तान के हाथों में

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने स्मार्ट मीटर घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है. नेता प्रतिपक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को लूटने और देश की आंतरिक सुरक्षा से समझौता करने का बड़ा षड्यंत्र चल रहा है. सिंघार ने आरोप लगाया कि जिन कंपनियों को स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका दिया गया है, उनके तार पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं.

500 की जगह 5000 का बिल, स्मार्ट मीटर बना जासूसी यंत्र

सिंघार ने स्मार्ट मीटर को जासूसी यंत्र बताया. उन्होंने कहा की मैं अनूपपुर जिले का दौरा किया, जहां कई लोगों ने शिकायत की कि पहले जहां 500 बिजली बिल गर्मी के मौसम में आता था. यह अब 5 हजार आ रहा है. उन्होंने कहा,  ये स्मार्ट मीटर नहीं, जासूसी मीटर है. इनके जरिए आम जनता की जानकारी चुराई जा रही है, और देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरे में डाला जा रहा है.

विदेशी कंपनी को मिला 2,000 करोड़ का ठेका, पाकिस्तानी नागरिकों से संबंध

सिंघार ने खुलासा किया कि स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका सऊदी अरब मुख्यालय वाली अफनार कंपनी को दिया गया है, जिसकी पृष्ठभूमि और कर्मचारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि कंपनी के कई अधिकारी पाकिस्तान मूल के नागरिक हैं, और इसके बावजूद मध्यप्रदेश सरकार ने 2,000 करोड़ का ठेका दे दिया.

मोदी ने देश का बिजली बटन पाकिस्तान को सौंप दिया है? उमंग सिंघार

साइबर हमले का खतरा और डेटा सुरक्षा पर सवालउन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर में उपभोक्ताओं से आधार, बैंक खाता जैसी निजी जानकारी मांगी जा रही है, जो अब विदेशी हाथों में जा रही है. अगर एक बटन दबा दिया जाए, तो पूरे देश की बिजली काटी जा सकती है. यह सिर्फ घोटाला नहीं, साइबर अटैक का नया दरवाजा है.

कई राज्यों ने ठेका किया रद्द, फिर भी MP सरकार चुप क्यों?

सिंघार ने यह भी कहा कि देश के कई राज्यों में इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया है, लेकिन मध्यप्रदेश में अब भी इसे काम दिया जा रहा है. जब दस्तावेज पूरे नहीं थे तो पश्चिम क्षेत्र में ठेका रद्द हुआ, लेकिन मध्य क्षेत्र में 1100 करोड़ का नया ठेका दे दिया गया. ये किसके आदेश पर हुआ?

छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत पर सरकार पर हमला

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंघार ने छिंदवाड़ा की घटना का भी जिक्र किया जहां कथित तौर पर नकली दवा से बच्चों की मौत हुई. यह बच्चों का कब्रिस्तान बना दिया गया है. सरकार की संवेदनहीनता चरम पर है. पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया. कांग्रेस इस मुद्दे को दिल्ली तक उठाएगी. उन्होंने रीवा में कफ सीरप की बढ़ती खपत को लेकर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल पर भी निशाना साधा और कहा कि सरकार किसके दबाव में काम कर रही है, यह स्पष्ट होना चाहिए.