MP Congress Protest : बैरिकेड्स पर चढ़े कांग्रेसी, पुलिस ने चलाया वाटर कैनन; प्रतीकात्मक CEC को बांधा जंजीरों में
MP Congress Protest : मध्य प्रदेश कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग उठाई है। कांग्रेस का आरोप है कि SIR के बाद अंतिम वोटर लिस्ट में से 34 लाख 25 हजार 78 नाम कम कर दिए गए हैं।
MP Congress Protest : भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन जारी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय का घेराव करने निकले।
#WATCH मध्य प्रदेश: भोपाल में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। pic.twitter.com/1E4t18Y1Hj
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 28, 2026
पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव
इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर भी चढ़ गए। कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार की। प्रदर्शन की वजह द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट है। इसमें चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से चुनावी सूची और SIR से जुड़े फैसलों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी। चुनाव आयोग ने कहा कि फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।

प्रतीकात्मक प्रदर्शन और नारे
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहने और जंजीरों में जकड़े एक कार्यकर्ता को जीतू पटवारी और उमंग सिंघार पकड़े नजर आए। कांग्रेस नेता मुजाहिद सिद्दीकी ज्ञानेश कुमार के वेश में व्यक्ति को पकड़कर ले जाते दिखे।
उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर वोट चोरी की है। प्रदर्शन के दौरान ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगे। प्रतीकात्मक रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त के हाथों में बेड़ी पहनाई गई।

नेताओं के बयान
पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने ज्ञानेश कुमार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर ईवीएम से चुनाव हुए तो बहिष्कार करेंगे। महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के प्रकोष्ठ की तरह काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के नियम बदले गए हैं।

CEO कार्यालय के घेराव से पहले पीसीसी के सामने सभा हुई। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा, पीसी शर्मा, पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधो, मुकेश नायक, रवि जोशी, संजय कामले, विधायक सिद्धार्थ कुशवाह, शोभा ओझा, विक्की पटेल और जेपी धनोपिया मौजूद रहे।

SIR पर कांग्रेस के आरोप
विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची को नए सिरे से जांचने की प्रक्रिया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस दौरान सूची में बड़े बदलाव हुए हैं। पार्टी चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल उठा रही है जीतू पटवारी के मुताबिक एसआईआर से पहले प्रदेश में 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 मतदाता थे। ड्राफ्ट सूची में 42 लाख 74 हजार 160 नाम बाहर हुए हैं।
दावे और आपत्तियों के बाद 21 फरवरी 2026 को अंतिम सूची जारी हुई। इसमें 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 मतदाता दर्ज हुए। कांग्रेस का कहना है कि अंतिम सूची में 34 लाख 25 हजार 78 नाम कम हुए हैं। पार्टी इन नामों का पूरा ब्योरा मांग रही है। यह ब्योरा विधानसभा, जिला और कारण के हिसाब से चाहिए।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें
पार्टी की सबसे बड़ी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की है। कांग्रेस उनके खिलाफ कार्रवाई भी चाहती है। साथ ही SIR और सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र जांच मांगी गई है। पटवारी ने कहा कि जांच में आपराधिक कृत्य मिले तो FIR दर्ज हो। उनका कहना है कि कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए।
इसके अलावा कांग्रेस तीन जानकारियां सार्वजनिक करने को कह रही है। पहली, अंतिम सूची से हटे 34.25 लाख नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार ब्योरा। दूसरी, ड्राफ्ट से बाहर 42.74 लाख नामों में बहाल हुए नामों की सूची। तीसरी, नाम बहाली के आवेदन मंजूर या खारिज करने की वजह।

ऑडिट ट्रेल और बैलेट की मांग
पटवारी ने डिजिटल निर्वाचन प्रणाली को लेकर भी मांग रखी है। कांग्रेस ने ERO (Electoral Registration Officer) की भूमिका पर जानकारी मांगी है। ऐसी ही मांग BLO (Booth Level Officer) की भूमिका पर भी है।
पार्टी ऑडिट ट्रेल उपलब्ध कराने की मांग भी कर रही है। ऑडिट ट्रेल यानी हर बदलाव का दर्ज रिकॉर्ड। आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों पर भी पार्टी की मांग है। पार्टी चाहती है कि ये चुनाव बैलेट पेपर से हों।

आयुक्तों की 14 आपत्तियां
आंदोलन की पृष्ठभूमि में द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट बताई जा रही है। इसके मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आपत्तियां जताई। ये आपत्तियां पिछले 10 महीनों में चुनावी सूची और SIR से जुड़े फैसलों पर थीं। इनकी संख्या कम से कम 14 बताई गई है। बाद में चुनाव आयोग ने कहा कि फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
सीएम मोहन यादव ने क्या कहा
सीएम मोहन यादव ने घेराव पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आयोग के स्पष्टीकरण के बाद यह कदम दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका सवाल था कि कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग को मानती है या नहीं।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संसद के कामकाज का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक देश का लोकतंत्र मजबूत संस्थाओं और जनता के कारण बचा है। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस से माफी मांगने को कहा। साथ ही वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से राहुल गांधी को रोकने की अपील की।

