Mauganj News: हाईवे पर गोवंश दिखा तो अफसर होंगे जिम्मेदार, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
मऊगंज में हाईवे और मुख्य सड़कों पर घूमने वाले गोवंश को लेकर कलेक्टर संजय कुमार जैन ने सख्त निर्देश दिए हैं। आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में पहुंचाने, रेडियम टेप लगाने और रात में पशु दल से गश्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क पर पशु छोड़ने वाले पशुपालकों पर जुर्माना और बार-बार उल्लंघन पर एफआईआर होगी।
मऊगंज जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर निराश्रित गोवंश के कारण हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर कलेक्टर संजय कुमार जैन ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, मुख्य सड़कों तथा नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में घूमने वाले निराश्रित पशुओं और गोवंश का व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि सड़कों पर पशुओं के जमावड़े से लगातार गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इससे जहां जनहानि हो रही है, वहीं गोवंश भी घायल होने के साथ अकाल मृत्यु का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने इस स्थिति को प्रशासनिक स्तर पर पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए विशेष बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए।
हाईवे से पशुओं को हटाकर गौशालाओं में भेजा जाएगा
अभियान के तहत हाईवे और सार्वजनिक स्थलों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को तत्काल पकड़कर नजदीकी गौशालाओं में सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। हाईवे पर विशेष निगरानी के लिए स्थानीय स्तर पर पशु दल स्क्वाड का गठन किया जाएगा। यह दल रात और सुबह सड़कों पर गश्त कर वहां मौजूद पशुओं को हटाने का काम करेगा।

गोवंश के गले और सींग पर लगेगा रेडियम टेप
कलेक्टर ने सड़कों के आसपास रहने वाले गोवंश को गौशालाओं में पहुंचाकर उनके गले और सींग पर अनिवार्य रूप से रेडियम रिफ्लेक्टर टेप लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे रात के समय वाहन चालकों को पशु दूर से दिखाई दे सकेंगे और संभावित सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा।
सभी नगर पालिका अधिकारियों को गौशाला प्रबंधकों के साथ समन्वय कर अतिरिक्त गोवंश के ठहरने के साथ-साथ चारे और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पशु मालिकों पर भी होगी कार्रवाई
सड़कों पर खुले में पशु छोड़ने वाले पशु मालिकों पर भी प्रशासन सख्ती करेगा। कलेक्टर ने ऐसे पशु मालिकों को चिन्हित कर मुनादी के माध्यम से चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए हैं।
चेतावनी के बावजूद यदि पशु मालिक अपने पशुओं को खुले में सड़क पर छोड़ते हैं तो मध्यप्रदेश पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 और मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। बार-बार उल्लंघन करने वाले पशु मालिकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

एसडीएम करेंगे गौशालाओं का औचक निरीक्षण
कलेक्टर ने अनुविभागीय राजस्व अधिकारी मऊगंज और हनुमना को जिले की सभी शासकीय और अशासकीय गौशालाओं का नियमित एवं औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सभी जांचकर्ता अधिकारियों के काम की नियमित समीक्षा की जाए। दायित्वों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव कलेक्टर कार्यालय भेजा जाए। सभी एसडीएम अपने क्षेत्र की गौशाला संचालकों के साथ नियमित बैठक कर रखरखाव की समीक्षा करेंगे और गौशालाओं में मौजूद गोवंश की संख्या की रिपोर्ट भी भेजेंगे।

संवेदनशील स्थानों पर कैटल कैचर से होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने महाप्रबंधक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम रीवा एवं मऊगंज को एनएच-135 पर गोवंश की सुरक्षा और दुर्घटना मुक्त यातायात के लिए नियमित पेट्रोलिंग टीम तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
एनएच से हटाए गए गोवंश का नजदीकी गौशाला में पुनर्वास कराया जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर कैटल कैचर वाहनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ब्लैक स्पॉट और प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा सांकेतिक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
घायल गोवंश के लिए 24 घंटे पशु चिकित्सा दल
उपसंचालक पशुपालन को घायल गोवंश के इलाज के लिए 24 घंटे आपातकालीन पशु चिकित्सा दल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा चारे की पोषण गुणवत्ता की जांच और सभी गोवंश की शत-प्रतिशत ईयर टैगिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन व्यवस्थाओं के बावजूद यदि दुर्घटना होती है तो संबंधित सीईओ, सीएमओ और पंचायत सचिव को सीधे जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा जाएगा।

