MP में सफाईकर्मियों की हड़ताल से बिगड़े हालात: भोपाल में 13 हजार कर्मचारी अड़े; पानी सप्लाई पर संकट
मध्यप्रदेश में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से भोपाल समेत कई शहरों में कचरा नहीं उठ रहा। 13 हजार कर्मचारी आंदोलन पर, शुक्रवार से पानी सप्लाई बंद करने की चेतावनी।
MP Sanitation Workers' Strike : मध्यप्रदेश में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब शहरों की सफाई व्यवस्था के साथ पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है। भोपाल में करीब 13 हजार कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों ने शुक्रवार को भी काम पर नहीं लौटने और जलप्रदाय व्यवस्था बंद करने की चेतावनी दी है। ऐसे में राजधानी में कचरा जमा होने के साथ पानी का संकट भी गहरा सकता है।
कर्मचारी वेतन 10,500 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने, अनुकंपा नियुक्ति और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अब उनकी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ही बातचीत होगी। उनसे मुलाकात के बाद ही हड़ताल खत्म करने पर फैसला लिया जाएगा।
भोपाल में दूसरे दिन भी नहीं उठा कचरा
हड़ताल के कारण भोपाल में लगातार दूसरे दिन घरों से कचरा नहीं उठाया गया। शहर की सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगने लगे हैं। डस्टबिन भरने के बाद कचरा बाहर फैल रहा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के मुताबिक, भोपाल में करीब 7 हजार सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इनके साथ लगभग 6 हजार अन्य कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हैं। इनमें कंप्यूटर ऑपरेटर, बाबू, जलप्रदाय, फायर, बिल्डिंग परमिशन, अतिक्रमण, विद्युत, यांत्रिकी, उद्यान और योजना प्रकोष्ठ के कर्मचारी शामिल हैं।
इसका असर नगर निगम मुख्यालय के अलावा शहर के सभी 85 वार्ड और 21 जोन के कामकाज पर पड़ रहा है।
400 से ज्यादा कचरा गाड़ियां खड़ी
भोपाल में घरों से कचरा इकट्ठा करने के लिए 400 से अधिक गाड़ियां लगाई गई हैं, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण ये गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं।
सामान्य दिनों में प्रत्येक गाड़ी दो से तीन चक्कर लगाती है। शहर के 17 गार्बेज स्टेशनों पर कचरा एकत्र किया जाता है। इसके बाद कैप्सूल टैंकरों के माध्यम से कचरे को आदमपुर छावनी पहुंचाया जाता है।
भोपाल से प्रतिदिन करीब 850 टन कचरा निकलता है। ऐसे में हड़ताल लंबी चलने पर शहर में सफाई व्यवस्था और बिगड़ सकती है।
पानी की सप्लाई बंद होने का भी खतरा
सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के बीच जलप्रदाय विभाग के कर्मचारियों के भी हड़ताल में शामिल होने से पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारियों ने शुक्रवार से पानी की सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी है।
भोपाल में 2.30 लाख से अधिक नल कनेक्शन हैं। ऐसे में जलप्रदाय व्यवस्था ठप होने पर बड़ी आबादी को परेशानी हो सकती है।
वहीं, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हो गए हैं। इसके चलते नगर निगम मुख्यालय स्थित अटल भवन में कामकाज प्रभावित हुआ है। गुरुवार को कर्मचारी नेता अशोक वर्मा ने नगर निगम मुख्यालय की बिजली सप्लाई बंद कर दी और भवन पर ताला लगा दिया।
शिवपुरी समेत कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित
भोपाल के अलावा प्रदेश के दूसरे शहरों में भी हड़ताल का असर दिखाई दे रहा है। शिवपुरी और विदिशा समेत कई जगहों पर सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। शिवपुरी नगर पालिका के करीब 350 कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
प्रदेशभर में एक लाख से ज्यादा कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और ठेका प्रथा समाप्त करने जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
सिरोंज में विधायक ने खुद उठाई झाड़ू
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच विदिशा जिले के सिरोंज में विधायक उमाकांत शर्मा खुद सफाई के लिए सड़क पर उतर आए। उन्होंने बुधवार रात करीब दो घंटे तक झाड़ू लगाकर सफाई की। हालांकि गुरुवार को भी शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित रही।
फिलहाल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित है। अब सबकी नजर मुख्यमंत्री से होने वाली संभावित बातचीत और कर्मचारियों की मांगों पर सरकार के फैसले पर टिकी है।



