Satna News : धवारी स्टेडियम के नामकरण पर सियासत गरमाई, अर्जुन सिंह के नाम पर ही रखने कांग्रेस-राजपूत संगठन ने सौंपा ज्ञापन
Satna News : 28 अक्टूबर को निगम परिषद की बैठक में नामकरण के 13 प्रस्तावों पर होगी चर्चा, हंगामा होने के आसार
Satna News : सतना। शहर के धवारी स्थित स्टेडियम और नारायण तालाब समेत कई सार्वजनिक स्थलों के नामकरण को लेकर सियासत गरमा गई है। मंगलवार को कांग्रेस और रॉयल राजपूत संगठन ने अलग-अलग नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर धवारी स्टेडियम का नाम पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कुंवर अर्जुन सिंह के नाम पर यथावत रखने की मांग की। दोनों संगठनों ने नाम बदलने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए विरोध की चेतावनी भी दी है। नगर निगम परिषद की 28 अक्टूबर को होने वाली बैठक के 23 सूत्रीय एजेंडे में 13 बिंदु नामकरण से संबंधित हैं।

कांग्रेस ने बताया अधिनियम के विपरीत
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि पूर्व महापौर ममता पांडेय के कार्यकाल में धवारी वार्ड क्रमांक 31 स्थित स्टेडियम का नाम स्व. कुंवर अर्जुन सिंह के नाम पर रखने का प्रस्ताव परिषद में पारित हुआ था। इसके बावजूद वर्तमान एजेंडे में महापौर योगेश ताम्रकार के पिता स्व. शंकर प्रसाद ताम्रकार के नाम पर स्टेडियम का नामकरण करने का प्रस्ताव शामिल किया गया है।
कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि नामकरण की निर्धारित प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। संगठन ने मांग की कि शंकर प्रसाद ताम्रकार के नामकरण का प्रस्ताव रोका जाए और अर्जुन सिंह के नाम पर स्टेडियम का नाम रखने का प्रस्ताव जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा जाए।

नारायण तालाब के नाम पर भी विवाद
कांग्रेस ने नारायण तालाब के नामकरण में बार-बार बदलाव पर भी सवाल उठाए। ज्ञापन के मुताबिक, पार्षद गोपी गेलानी ने तालाब का नाम झूलेलाल सरोवर रखने का प्रस्ताव दिया था, जिसे एमआईसी से मंजूरी के बाद परिषद में भेजा गया। बाद में महर्षि भारद्वाज सरोवर नाम रखने का प्रस्ताव आया, जिसे 23 अक्टूबर के पत्र में विलोपित कर दिया गया।
राजपूत संगठन ने दी प्रदर्शन की चेतावनी
रॉयल राजपूत संगठन ने भी अर्जुन सिंह के नाम को बदलने का विरोध किया। संगठन ने कहा कि अर्जुन सिंह देश के सर्वमान्य नेता रहे हैं और उनसे लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं। स्टेडियम का नाम बदलना उचित नहीं है। संगठन ने नाम यथावत रखने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि निर्णय नहीं बदला गया तो प्रदर्शन किया जाएगा। अब सभी की नजरें 28 अक्टूबर को होने वाली परिषद की बैठक पर टिकी हैं।

योगेश ताम्रकार, महापौर सतना

