पब्लिक वाणी खास खबर : नीलबड़-रातीबड़ फोर लेन रोड पर दो साल पहले लगाई स्ट्रीट लाइट, सिर्फ 1 महीने के लिए हुई चालू
Public Vani Khas Khabar : 4.50 करोड़ रुपए की राशि हुई खर्च, अंधेरे में निकलते हैं वाहन
शहर से लगे नीलबड़ क्षेत्र में फोरलेन निर्माण के साथ ही स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी। दावा किया गया था कि सड़क के साथ ही स्ट्रीट लाइट का लाभ आम जनता को मिलेगा। वादा पूरा भी किया गया, लेकिन महज 30 दिनों के लिए। इसके बाद कभी स्ट्रीट लाइट चालू नहीं हो सकी। आज दो साल बीतने के बाद भी लोगों को 3.50 किमी लंबे मुख्य मार्ग के रोशन होने का इंतजार है। हालांकि यह सड़क कब रोशन होगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। पंचायत और नगर निगम के बीच झूल रही यह स्ट्रीट लाइट शुरू कराने में जनप्रतिनिधियों को भी रूचि नहीं है। यही कारण है कि सड़क को रोशन करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं हो सकी।
दरअसल, नीलबड़ से रातीबड़ को जोडने वाली फोरलेन सड़क पर करीब 4.50 करोड़ रुपए की लगातर से 190 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थी। लाइट लगने के करीब सवा साल बाद लाइट तो शुरू की गई थी, लेकिन महज एक महीने के लिए लिए। लोगों ने बताया कि ये लाइटें केवल मुख्यमंत्री के आगमन के कारण चालू की गई थी। करीब छह घंटे बाद फिर इन्हें बंद कर दिया गया। उसके बाद दोबारा यह शुरू हुई और एक महीने तक इसका लाभ भी मिला, लेकिन उसके बाद फिर वहीं स्थिति बन गई।
जानकारी अनुसार नीलबड़, रातीबड़ सहित आसपास के लगभग डेढ़ लाख से अधिक की आबादी इस मार्ग पर निर्भर है। रोजाना हजारों वाहन इस सडक से गुजरते हैं, लेकिन रात होते ही सडक घने अंधेरे में डूब जाती है। लाइटें होने के बावजूद उनका संचालन न होने से प्रतिदिन छोटे-बड़े हादसों का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर लाइटें चालू हो सकती हैं, तो लंबे समय से लोगों को अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है। जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ क्यों। सिर्फ वाहवाही लूटने के लिए लाइट तो लगा दी, लेकिन उसे रोशन करने के बजाए शो-पीस बना दिया गया।
कांग्रेस स्ट्रीट लाइटों केपास जलाएगी लालटेन
इधर, दो साल से अंधेरे में डूबी फोरलेन सड़क को रोशन करने के लिए कांग्रेस लालटेन जलाएगी। जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष अनोखीमान सिंह पटेल ने कहा कि यह मार्ग सीधे सीहोर को जोड़ता है] जिससे लोकल आवागमन के साथ ही बड़ी संख्या में इंदौर जाने वाले वाहनों की संख्या भी रहती है। दिन में तो दिक्कत नही होती, लेकिन शाम ढलते ही दुर्घटनाओं का दौर शुरू हो जाता है। रोजाना ऐसे मामले सामने आते हैं।
भाजपा विधायक भी इस मार्ग से लगभग रोज ही निकलते हैं, लेकिन उन्हें यह अंधेरा नहीं दिखता है। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद स्ट्रीट लाइट क्यों चालू नहीं हो रही है। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। इससे साफ है कि स्ट्रीट लगाने में भी भ्रष्टाचार हुआ है। अब कांग्रेस बंद स्ट्रीट लाइटों के पास लालटेन जलाकर विरोध दर्ज कराएगी। इसके बाद भी स्ट्रीट लाइट चालू नहीं हुई तो खंभों में परमानेंट लालटेन टांग दी जाएगी।
रोजाना हो रही दुर्घटनाएं
मुख्य सडक पर अंधेरा रहने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि इसके लिए मुख्य जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग और स्थानीय ठेकेदार हैं। जिम्मेदारों के द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सूत्रों की माने तो स्ट्रीट लाइट के बिल को लेकर रस्सा-कस्सी हो रही है। कारण है कि नीलबड़ नगरनिगम में आता है, वहीं रातीबड़ ग्रामीण क्षेत्र में। ऐसे में स्ट्रीट लाइक का आने वाला बिल कौन जमा करेगा। इसे लेकर खींचतान चल रही है।

